• कहा- उनकी गलती की कीमत छात्र चुका रहे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को CBSE की आंसरशीट जांच और री-इवैल्यूएशन प्रोसेस को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर सवाल खड़े किए। उन्होंने X पोस्ट पर लिखा- छात्रों को अपनी ही कॉपी की सही जांच कराने के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं। अगर CBSE की गलती से किसी छात्र के नंबर गलत आ जाते हैं तो उसका बोझ छात्रों और उनके परिवारों पर क्यों डाला जाता है।

उन्होंने लिखा… डिजिटल स्कैन कॉपी पाने के लिए ₹100 प्रति विषय, री-टोटलिंग के लिए ₹100 प्रति पेपर और री-इवैल्यूएशन के लिए ₹25 प्रति सवाल शुल्क देना पड़ता है। अपनी ही आंसर सीट की सही जांच के लिए एक छात्र को ₹2000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं। जब करीब चार लाख छात्रों ने ऐसे आवेदन दिए हैं, तब यह सवाल उठता है कि CBSE इस प्रक्रिया से कितनी कमाई कर रहा है।
राहुल बोले- गलत मार्किंग की संभावना बढ़ जातीं

राहुल ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिखा कि जब शिक्षा को सेवा की जगह कारोबार बना दिया जाता है, तब गलतियां सुधारी नहीं जातीं बल्कि बढ़ती जाती हैं। इसकी सबसे बड़ी कीमत बच्चों को अपने समय, आत्मविश्वास और भविष्य के रूप में चुकानी पड़ रही है।

31 मई: राहुल की CBSE 12वीं के स्टूडेंट्स से मुलाकात

राहुल गांधी ने CBSE 12वीं क्लास के छात्रों से मुलाकात की थी। उन्होंने X पर छात्रों से बातचीत का 1.30 मिनट का वीडियो पोस्ट किया था। कैप्शन में लिखा- जिन साहसी युवाओं ने CBSE और मोदी सरकार से आसान सवाल पूछे, उन्हें जवाब की जगह अपमान मिला।

वीडियो में छात्रों ने राहुल से कहा- आंसर शीट को लेकर सवाल पूछने पर हमें एंटी-नेशनल, डीप स्टेट एजेंट्स (जासूस), आतंकवादी और पाकिस्तानी कहा गया। राहुल ने हंसते हए कहा- 17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स।

राहुल से जिन छात्रों से बात की, उनमें वेदांत भी शामिल थे। वेदांत की एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर उनकी फिजिक्स कॉपी की जगह किसी और की कॉपी अपलोड की गई थी। वेदांत के बाद कई अन्य छात्रों ने भी ऐसी शिकायतें कीं।