• फिर भी राज्यसभा चुनाव का RO बनाया

हरियाणा के चर्चित IDFC-AU बैंक घोटाला मामले में IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा और नूंह से विधायक आफताब अहमद ने दावा किया कि सरकार को पंकज अग्रवाल की कथित भूमिका की जानकारी पहले से थी, इसके बावजूद उन्हें राज्यसभा चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) नियुक्त किया गया।

दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए सरकार और पंकज अग्रवाल के बीच मिलीभगत थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

अशोक अरोड़ा बोले- FIR के बाद भी बनाया गया RO

कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि 23 फरवरी को बैंक घोटाले से संबंधित FIR दर्ज हो चुकी थी, जबकि राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार ने एक ऐसे अधिकारी को रिटर्निंग ऑफिसर क्यों बनाया, जिसका नाम जांच के दायरे में था।

उन्होंने कहा कि सरकार को पूरी जानकारी थी कि पंकज अग्रवाल पर गंभीर आरोप हैं, फिर भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार इस बार “वोट चोरी” के जरिए राज्यसभा सांसद बनाना चाहती थी और इसी उद्देश्य से पंकज अग्रवाल का इस्तेमाल किया गया। अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं वित्त मंत्री भी हैं, इसलिए इस पूरे मामले की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए।

आफताब अहमद का दावा- हमने पहले ही शिकायत की थी

कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान ही रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग (ECI) में शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

आफताब ने आरोप लगाया कि सरकार को बैंक घोटाले में पंकज अग्रवाल की कथित संलिप्तता की जानकारी थी। इसके बावजूद उन्हें RO बनाकर चुनावी प्रक्रिया में लगाया गया ताकि उनसे सरकार अपने हिसाब से काम करवा सके।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और तत्कालीन वित्त सचिव इस पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन जांच में दोनों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

तीन साल तक चलता रहा बंदरबांट का खेल

आफताब अहमद ने कहा कि कथित बैंक घोटाले में 3 वर्षों तक सरकारी धन की बंदरबांट होती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए करती है और राज्यसभा चुनाव के दौरान यह बात खुलकर सामने आई। उन्होंने कहा कि अब सरकार पूरे मामले से पल्ला झाड़कर जिम्मेदारी दूसरे अधिकारियों पर डालना चाहती है।

कांग्रेस विधायकों ने रखी ये मांग

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि IDFC-AU बैंक घोटाले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो। साथ ही उन सभी अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाए, जिनके कार्यकाल में कथित अनियमितताएं हुईं।

फिलहाल पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस इसे सरकार और प्रशासन की मिलीभगत का मामला बता रही है। जबकि सरकार की ओर से अभी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है