- फोटो कोई और खींचा रहे
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद बीजेपी के चहेते बने रतिया के कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में फिर से शामिल हुए पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि रतिया से टोहाना रोड को बनवाने के लिए मैंने जी जान लगा दी लेकिन जेसीबी के साथ खड़े होकर फोटो कोई और खिंचवा रहे हैं। हालांकि, जरनैल सिंह ने नापा का बिना नाम लिए उन पर निशाना साधा।
जरनैल सिंह ने कहा कि कुछ लोग आज स्टेडियम और अन्य विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन जब उन्हें पांच साल तक जनता ने सेवा का अवसर दिया था, तब ऐसे कार्य क्यों नहीं कराए गए। विधायक ने जोर देकर कहा कि विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले कार्यों से होता है।
टोहाना-रतिया रोड के निर्माण कार्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज कुछ नेता जेसीबी के पास खड़े होकर फोटो खिंचवा रहे हैं, जबकि सत्ता में रहते हुए उन्हें सड़क की स्थिति नजर नहीं आई।
जरनैल सिंह ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं सीएम नायब सैनी से इस सड़क के निर्माण को लेकर बातचीत की, जिसके बाद परियोजना को मंजूरी मिली और निर्माण कार्य शुरू हुआ। जरनैल सिंह की यह टिप्पणी रतिया में चल रही नगर प्रीमियर लीग-2 के दौरान की।
लक्ष्मण नापा बोले- मैंने करवाई थी घोषणा
हालांकि, विधायक जरनैल सिंह के इन बयानों के बाद पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। लक्ष्मण नापा ने कहा कि टोहाना-रतिया रोड की घोषणा उनके कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने टोहाना के गांव बिढाईखेड़ा में की थी। उस समय मनोहर लाल बिढाईखेड़ा में पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली के आग्रह पर मधुर मिलन समारोह में आए थे। उन्होंने वहां इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी।
इस सड़क परियोजना के लिए सर्वे का कार्य भी उनके विधायक कार्यकाल में ही हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इससे संबंधित सभी रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध हैं।
जरनैल सिंह को हराकर विधायक बने थे नापा
लक्ष्मण नापा और जरनैल सिंह साल 2019 में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। साल 2019 में लक्ष्मण नापा ने बीजेपी की टिकट और जरनैल सिंह ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा। उस चुनाव में कड़े मुकाबले के बीच नापा ने जरनैल सिंह को 1216 वोटों से हरा दिया था। साल 2019 में पहली बार बीजेपी ने जीत हासिल की थी।
साल 2024 में भी नापा बीजेपी की टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उनकी टिकट काटकर सुनीता दुग्गल को उम्मीदवार बना दिया। इसके बाद वह बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। करीब दो महीने पहले 2 मई को ही तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली की मौजूदगी में लक्ष्मण नापा ने वापस बीजेपी ज्वाइन की थी।
