- पंचायती जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद, ग्रामीणों की निष्पक्ष जांच की मांग
कैथल के गांव भूना में पंचायती जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब इस विवाद में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस और भाजपा के पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर आमने सामने आए गए हैं। कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारी जमीन पर कब्जे करवा रही है।
गांव भूना में पट्टेदारों की जो जमीन है, उस पर पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने कब्जा किया हुआ है। गांव के लोगों ने उन्हें इस बारे में शिकायत दी है। पूर्व विधायक ने अपनी माता का आधार कार्ड बदला। गांव में जब जमीन की बोली हुई तो वहां न तो कुलवंत बाजीगर की माता मौजूद थीं और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य था।
जिस दिन की पूर्व विधायक बोली दिखा रहे हैं, उस दन गांव में कोई बोली नहीं हुई है। कुलवंत बाजीगर की माता के दस्तावेज भी कल्लर माजरा के बने हुए हैं।
भाजपा जिसे टिकट दे रही, वही लोगों से जमीन छीन रहे
विधायक हंस ने कहा कि भाजपा जमीन छीनकर कॉलानियां काट रही है और जनता कष्ट काट रही है। भाजपा जिसे टिकट देकर भेजती है, वही लोगों से जमीन छीन रहे हैं। यह सरकार की सह में हो रहा है, लेकिन वे इसके विरोध में डटे रहेंगे। पंचायत की जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे।
जानिए पूरा मामला
बता दें कि गुहला से भाजपा के पूर्व विधायक व उनके परिजनों पर गांव भूना में पंचायती जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगे हैं। गांव भूना के ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला प्रशासन व विधायक देवेंद्र हंस को शिकायत दी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
ग्रामीण परमेश्वरी देवी, रोहताश, सुनील, संतोष, भतेरी, पाला, ओमप्रकाश व मीना ने बताया कि गांव भूना में ग्राम पंचायत ने करीब पांच साल पहले एससी वर्ग के कुछ लोगों को 11-11 एकड़ जमीन खेती करने के लिए दी थी। कुछ दिन पहले पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर के बेटे साहब सिंह ने अन्य लोगों के साथ मिलकर खेतों में उगाई गई पौध को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया।
उनके हाथों में डंडे, गंडासी और तलवारें लिए जाने के कारण तब ग्रामीणों ने उनका विरोध नहीं किया, अब उन्होंने शिकायत दी है।
पूर्व विधायक ने आरोप नकारे
वहीं पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा है कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वे पिछले कुछ वर्षों में उक्त जमीन पर दी गई एक भी बोली की रसीद दिखा दें तो वे मानें। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित कुछ लोग सक्रिय हैं, जो लगातार झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनके परिवार के लोग पहले गांव में रहकर बोली देते हैं, इसी प्रकार अब बोली दी है।
