- करनाल में विपक्ष पर साधा निशाना, किसान समझदारी से काम लें
केंद्रीय ऊर्जा, शहरी एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली का आंदोलन के खत्म होने के बाद युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी पूरी ऊर्जा पढ़ाई और करियर बनाने में लगाएं। उन्होंने कहा कि जो युवा पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटना चाहिए। युवाओं को देश की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि वही भविष्य के निर्माता हैं और उनका सही दिशा में प्रयास करना जरूरी है।
विपक्ष पर साधा निशाना, विकास पर दिया जोर
रविवार को करनाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस के बयानों पर पलटवार करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि विपक्ष हर मुद्दे पर राजनीति करने का आदी हो चुका है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग करना केवल राजनीतिक बयानबाजी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हर विषय को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करते हैं, लेकिन जनता इस तरह की राजनीति को पसंद नहीं करती। राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के बयानों से सबसे ज्यादा नुकसान खुद कांग्रेस को ही होता है। उन्होंने कहा कि जनता अब समझदार हो चुकी है और उसे केवल विकास कार्य चाहिए, जो केंद्र सरकार के कार्यकाल में तेजी से हो रहे हैं।
सरकार के सभी प्रोजेक्ट की समीक्षा होती है : खट्टर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, सरकार के चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा की जाती है, ताकि किसी भी तरह की कमी को समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किए गए विकास कार्यों में अच्छी प्रगति देखने को मिल रही है और अब बहुत कम ऐसे प्रोजेक्ट बचे हैं, जिन पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में देरी हो रही है, उसके पीछे बजट नहीं बल्कि जमीन की उपलब्धता सबसे बड़ा कारण है। कई गांवों में व्यायामशाला, लाइब्रेरी और ग्राम सचिवालय जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन नहीं मिल पाती, जिससे काम रुक जाता है। अन्यथा सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है और सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
जमीन ना मिलने के कारण अटकती हैं परियोजनाएं
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांवों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करना है। लेकिन कई बार जमीन की अनुपलब्धता के कारण योजनाएं अटक जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी संभव हो, वहां वैकल्पिक समाधान तलाशकर कार्यों को आगे बढ़ाया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कारगिल विजय दिवस पर सेना का किया सम्मान
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह दिन देश के लिए गर्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध भारत की एक बड़ी जीत थी, जिसमें दुश्मन को करारा जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि जो भी भारत की ताकत को नजरअंदाज करता है, उसे मुंह की खानी पड़ती है। इस मौके पर उन्होंने देशवासियों से सेना का सम्मान करने और देश को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
शिक्षा मंत्रालय को लेकर भी दिया बयान
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने पर उन्होंने कहा कि जोशी एक अनुभवी और सुलझे हुए नेता हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले से ही फूड एंड सप्लाई विभाग संभाल रहे हैं और अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। स्थायी नियुक्ति का निर्णय प्रधानमंत्री स्तर पर लिया जाएगा।
किसानों को दी समझदारी से फैसला लेने की सलाह
भारत- अमेरिका ट्रेड डील को लेकर किसानों द्वारा दोबारा आंदोलन की चेतावनी पर उन्होंने कहा कि कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के आंदोलन का आह्वान कर देते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं को समझें।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले समझौते सभी के हितों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। इस डील में किसानों और उपभोक्ताओं दोनों का फायदा है। उन्होंने कहा कि किसानों को भावनाओं में बहने के बजाय तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए, ताकि भविष्य में उन्हें पछताना न पड़े।
