• इन 2 कारणों से थमी बगावत

हिसार BJP में चल रही उठा-पठक पर प्रदेश हाईकमान सतर्क हो गया है। पार्टी ने जिला प्रभारी जवाहर सैनी को मामले को शांत करने के लिए हिसार भेजा था। मंडल अध्यक्षों ने बंद कमरे में जिला प्रभारी को एक-एक बात और पिछले दिनों से चल रहे पार्टी के अंदरूनी कामों की रिपोर्ट दी।

अब इस रिपोर्ट को जिला प्रभारी जवाहर सैनी आज ही अर्चना गुप्ता को रिपोर्ट देंगे और हिसार संगठन के हालातों को लेकर अपडेट देंगे। रिपोर्ट में मंडलअध्यक्षों ने साफ कहा कि आगे भी जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ रहती हैं तो पार्टी की स्थिति और खराब हो जाएगी। उनका किसी वर्कर से संवाद नहीं है और वह खास लोगों से ही घिरी रहती हैं।

प्रभारी ने आश्वसन दिया है कि जल्द ही प्रदेश नेतृत्व जिलाध्यक्ष बदलने को लेकर कोई कार्रवाई कर सकता है, तब तक शांत रहे और पार्टी लाइन से हटकर कोई काम ना करें। जिससे लोगों के बीच पार्टी की छवि पर असर पड़े।

दो कारणों से मंडल अध्यक्षों की बगावत थमी…

एक दिन पहले पनिहार संग जिलाध्यक्ष की बैठक 

सूत्र बताते हैं कि सोमवार देर शात को मंडल अध्यक्षों की चिट्‌ठी वायरल होने के बाद रणधीर पनिहार से जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ की बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने कई देर तक मंत्रणा की। पनिहार ने जिलाध्यक्ष को कहा कि वह मंडल अध्यक्षों को मनाने का प्रयास करेंगे।

बदले में उनके एक नजदीकी को संगठन में जगह दी जाए। सूत्र बताते हैं कि इस पर जिलाध्यक्ष राजी हो गई हैं। इसके बाद पनिहार ने मंडल अध्यक्षों को मनाने में भूमिका निभाई।

सुभाष बराला ने वेद फुल्ला की ड्यूटी लगाई 

वहीं राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने भी जिलाध्यक्ष को बचाने के लिए प्रदेश महामंत्री वेद फुल्ला को जिम्मेदारी। सूत्र बताते हैं कि वेद फुल्ला ने एक-एक मंडल अध्यक्ष को फोन किया और बगावत को थामने का प्रयास किया। वेद फुल्ला ने कहा कि संगठन उनके बारे में सोच रहा है और इसका समाधान जल्द निकलेगा।

हालांकि दोनों पक्ष इस बात को नकार रहे हैं और कह रहे हैं कि मंडलअध्यक्षों ने कोई इस्तीफा नहीं दिया।

मंडल अध्यक्षों से तीन स्तरीय बातचीत

मंडल अध्यक्षों तीन स्तरीय बातचीत की गई। पहले जिला प्रभारी ने एक-एक से बात की। इसके बाद विधायक जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ ने भी एक-एक से संवाद स्थापित किया। इसके बाद करीब शाम 4 बजे प्रभारी, जिलाध्यक्ष, विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता और जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना ने सामूहिक बैठक मंडल अध्यक्षों के साथ की।

यह बैठक करीब 15 मिनट चली। इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई, जिसमें जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ ने कहा कि भाजपा में किसी तरह की बगावत नहीं है। सब परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस्तीफे वाला पत्र भी मंडल अध्यक्षों ने नहीं लिखा था। यह पत्र कहां से जारी हुआ और किसने किया? इसकी जांच करवाई जाएगी।

हिसार भाजपा प्रभारी के साथ हुई मीटिंग

जिलाध्यक्ष के बुलाने पर मीटिंग में नहीं गए मंडल अध्यक्ष 

बता दें कि जिला प्रभारी ने मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक के लिए जिलाध्यक्ष को कहा। मगर जिलाध्यक्ष के कहने से कोई मंडल अध्यक्ष बैठक में आने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद विधायक रणधीर पनिहार और डॉ. कमल गुप्ता की मंडल अध्यक्षों को बुलाने की जिम्मेदारी लगाई गई। दोनों के प्रयास करने के बाद 13 में से 10 मंडल अध्यक्ष ही पहुंच पाए।

14 में से 3 मंडल अध्यक्ष नहीं पहुंचे, 11 से की गई बात

जिला अध्यक्ष की कार्यशैली से नाराज चल रहे जिले के 14 मंडलों में 11 मंडल अध्यक्षों ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बैठक में 3 मंडल अध्यक्ष नहीं पहुंचे, इसमें उकलाना मंडल से विनोद कुमार, अग्रोहा मंडल से मोहन लाल और स्याहड़ा मंडल से बजलीत फोगाट शामिल थे।

चाय पिलाई, लड्‌डू खिलाया और फिर फोटो खींचवाए

हिसार भाजपा प्रभारी एवं हरियाणा भाजपा उपाध्यक्ष जवाहर सैनी ने नाराज मंडल अध्यक्षों से बातचीत की। इस दौरान पहले उन्हें चाय पिलाई गई, फिर लड्‌डू खिलाया और अंत में फोटो सेशन भी कराया। इस दौरान सभी ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए।