- भिवानी में अजय चौटाला ने जंतर-मंतर का जिक्र किया
जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला सोमवार को भिवानी पहुंचे। उन्होंने पूर्व मंत्री स्वर्गीय जगन्नाथ की पत्नी धर्मा देवी के निधन पर उनके परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय जगन्नाथ के साथ अपने पुराने राजनीतिक और पारिवारिक संबंधों को याद किया। साथ ही प्रदेश और देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
डॉ. अजय चौटाला ने कहा कि स्वर्गीय जगन्नाथ और उनके परिवार से उनका पुराना नाता रहा है। उन्होंने बताया कि जगन्नाथ चौधरी देवीलाल के सानिध्य में राजनीति में आए थे। उस समय भिवानी में चौधरी बंसीलाल का राजनीतिक प्रभाव था, लेकिन जगन्नाथ हर मोर्चे पर उनसे टकराते थे। उन्होंने जगन्नाथ के राजनीतिक संघर्ष को याद करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
चौटाला बोले- देश में बदलाव का समय
देश की मौजूदा राजनीति पर बोलते हुए अजय चौटाला ने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि अब पूरे देश में बदलाव का समय है। उनके अनुसार युवा पीढ़ी ही बड़े राजनीतिक बदलाव लाती है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि देश का युवा अब अपने मुद्दों को लेकर सामने आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में युवाओं की भूमिका राजनीति में और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
हरियाणा की कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
अजय चौटाला ने हरियाणा की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, लेकिन सरकार इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने मुख्यमंत्री के पंजाब दौरे को लेकर भी कटाक्ष किया।
विधानसभा में विपक्ष के साथ व्यवहार पर सवाल
विधानसभा में प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर अजय चौटाला ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह गलत और निंदनीय है।
क्षेत्रीय पार्टियों के अस्तित्व पर बोले
क्षेत्रीय दलों के सांसदों और विधायकों को तोड़ने के प्रयासों को लेकर अजय चौटाला ने कहा कि भाजपा अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन क्षेत्रीय पार्टियां कभी खत्म नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दल स्थानीय मुद्दों और लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं और जनता का वास्तविक भला क्षेत्रीय पार्टियां ही कर सकती हैं।
