• बुनियादी सुविधाएं तक अधूरी,  केवल रेवेन्यू बढ़ाना हल नहीं

अपनी ही सरकार की नीतियों पर मुखर रहने वाले केंद्रीय मंत्री और अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह ने राज्य की भाजपा सरकार पर फिर से बड़ा राजनीतिक हमला किया है। इस बार उनके निशाने पर कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित ‘पंचग्राम’ बसाने की योजना रही।

राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम की मौजूदा बदहाली का हवाला देते हुए सरकार के इस बड़े प्रोजेक्ट की उपयोगिता और दूरदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बिना नाम लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी कैबिनेट की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार को आईना दिखाते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा कि आज के समय में हर कोई सिर्फ यह दिखाने में जुटा है कि गुरुग्राम का और विस्तार करने से राज्य को अधिक रेवेन्यू मिलेगा और ज्यादा पैसा आएगा।

KMP के ऊपर 4-5 शहर बसा दो

जो केएमपी एक्सप्रेस है, उसके ऊपर भी चार-पांच शहर बसा दो। मतलब यह है कि वर्तमान गुरुग्राम का बुनियादी ढांचा तो हमसे पूरा संभल नहीं रहा है। आज यहां न तो सड़कें पूरी तरह ठीक हो पा रही हैं और न ही जनता को पूरा पानी मिल पा रहा है। जब बुनियादी सुविधाएं ही अधूरी हैं, तो नए शहर का बोझ कैसे उठाया जाएगा?”

राव इंद्रजीत सिंह के इस बयान ने साफ कर दिया है कि वे गुरुग्राम की बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज कर बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं।

मुंबई इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री ने बताया था बेहतर प्रोजेक्ट

केंद्रीय मंत्री का यह तीखा बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक हाई-प्रोफाइल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया था। इस समिट में हरियाणा सरकार ने देश-विदेश के बड़े निवेशकों के सामने गुरुग्राम और केएमपी के विकास का खाका खींचा था।

इस समिट के दौरान मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ‘पंचग्राम’ परियोजना का जमकर बखान किया था। सरकार का दावा है कि केएमपी एक्सप्रेसवे के आसपास पांच नए आधुनिक शहर बसाने से औद्योगिक क्रांति आएगी, रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे और हरियाणा को भारी-भरकम राजस्व मिलेगा।

राव इंद्रजीत सिंह ने मुंबई में किए गए इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाकर सरकार को बैकफुट पर ला दिया है।

ये है पंचग्राम प्रोजेक्ट मनोहरलाल के मुख्यमंत्री रहते हरियाणा कैबिनेट ने कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर पांच नए आधुनिक शहर बसाने की ‘पंचग्राम योजना’ को मंजूरी दी थी। इसके नीति-निर्धारण और नियमन के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘पंचग्राम विकास प्राधिकरण’ के गठन का फैसला भी लिया गया था।

इस मेगा प्रोजेक्ट में एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ प्रत्येक शहर को 50,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे यह पूरा कॉरिडोर करीब 2.5 लाख हेक्टेयर का होगा। इसमें आठ जिले सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूंह, फरीदाबाद और पलवल कवर होते हैं। HSIIDC द्वारा ग्लोबल टेंडर के जरिए एक वर्ल्ड-क्लास कंसल्टेंसी फर्म को मास्टर प्लान तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है।

बढ़ सकती हैं भाजपा की मुश्किलें

राव इंद्रजीत सिंह का अपनी ही सरकार के खिलाफ यह हमलावर रुख हरियाणा की सियासत में नई हलचल पैदा कर गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि जब सरकार के अपने ही वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री विकास दावों को खारिज कर रहे हैं, तो विपक्ष को बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

अधिकारियों से बोले-पार्टी की प्रतिष्ठा धूमिल न करें

राव इंद्रजीत सिंह ने शहर में बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या को लेकर अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा और उन्हें चेतावनी दी कि वे सरकार और पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल न करें।

मंत्री ने पूछा कि प्राकृतिक नालों पर बिल्डरों द्वारा किए गए अतिक्रमणों को हटाने में हिचकिचाहट क्यों हो रही है। उन्होंने कहा, “काफी समय दिया जा चुका है; अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मैं सीबीआई जांच करवाऊंगा और अदालत जाने से भी नहीं हिचकिचाऊंगा।”

जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के संबंध में हुई एक बैठक के दौरान, उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बिल्डरों को जारी किए गए नोटिसों पर की गई कार्रवाई के संबंध में एक व्यापक रिपोर्ट मांगी और इन नोटिसों को दबाने में कथित भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट की मांग की।