- राहुल गांधी समेत 20 हजार लोगों को न्योता, चंडीगढ़ में 5 साल पहले मिले थे दोनों
हरियाणा के सिरसा कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के छोटे बेटे नीतेश बेनीवाल शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। 21 अक्टूबर को वे चंडीगढ़ निवासी कोमल प्रीत रंधावा से सात फेरे लेंगे। दोनों की लव-मैरिज है, करीब 5 साल से एक-दूसरे को जानते हैं।
कोमल के पिता जगजीत सिंह रंधावा रिटायर्ड कर्नल हैं, जबकि माता एडवोकेट हैं। शादी में 20 हजार लोगों के भोज की व्यवस्था की गई है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद कुमारी सैलजा समेत कई नेताओं को न्योता दिया गया है।
शादी के कार्यक्रम उनके पैतृक गांव दड़बा में होंगे। दड़बा से फैमिली मेंबर्स, करीब 100 से 150 रिश्तेदार बारात लेकर चंडीगढ़ जाएंगे। गांव में रिसेप्शन रखा गया है, जिसमें आसपास के गांवों के लोगों को बुलाया गया है।
4-5 साल से एक-दूसरे को जानते हैं
कोमलप्रीत ने पुणे से MBA किया है। चंडीगढ़ में रहने के दौरान उनकी मुलाकात नीतेश से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। दोनों पिछले 4 से 5 साल से एक-दूसरे को जानते हैं। बाद में दोनों परिवारों की मुलाकात हुई और रिश्ता तय हो गया। 22 फरवरी 2026 को दोनों की रिंग सेरेमनी हुई थी।
होने वाली बहू इंटीरियर डिजाइनर
कोमल प्रीत रंधावा चंडीगढ़ के मोहाली की रहने वाली हैं। उनके पिता जगजीत सिंह रंधावा रिटायर्ड कर्नल हैं, जबकि माता वंदना एडवोकेट हैं। कोमल अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं।
फैमिली बिजनेस संभालते हैं नीतेश
संतोष बेनीवाल के दो बेटे हैं। दीपेश बड़े और नीतेश बेनीवाल छोटे हैं। दीपेश की शादी हो चुकी है। उनका एक बेटा (एकलव्य) भी है। वहीं, नीतेश बीए पास हैं और परिवार का बिजनेस संभालते हैं। परिवार के पास चौपटा और आसपास के क्षेत्र में शराब के ठेके हैं।
सरपंच से राजनीति में आईं संतोष
संतोष बेनीवाल ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल के भाई की पत्नी हैं। वे दड़बा गांव से सरपंच चुनी गई थीं। पारिवारिक शादी समारोह में हाथ में पिस्तौल लेकर डांस करने और फायरिंग करने का वीडियो वायरल होने के बाद वे चर्चा में आई थीं।
उन्हें दबंग महिला सरपंच के रूप में भी जाना जाता है। वे सरपंच एसोसिएशन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके बाद वे राजनीति में सक्रिय हुईं और वर्ष 2025 में कांग्रेस ने उन्हें सिरसा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।
सैलजा से नजदीकी के बाद बढ़ी दूरी
संतोष बेनीवाल पहले सांसद कुमारी सैलजा की करीबी मानी जाती थीं। वे अक्सर सैलजा के साथ कार्यक्रमों में नजर आती थीं। हालांकि, रानियां में एक मंच से संबोधन के दौरान संतोष ने कहा था कि जिलाध्यक्ष बनने में किसी ने उनकी मदद नहीं की और वे अपनी मेहनत से इस पद तक पहुंची हैं। इस बयान के बाद सैलजा से उनकी दूरी बढ़ने की चर्चा रही।
