- रोहतक में बोले- ये कई पार्टियों से जुड़े, आंदोलन के लिए युवाओं को उकसा रहे
रोहतक में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने पूर्व AAP नेता योगेंद्र यादव और अन्ना हजारे की टीम के सदस्य रहे प्रशांत भूषण पर निशाना साधा। जयहिंद ने दोनों को ‘सेटिंगबाज’ बताते हुए आरोप लगाया कि वे अलग-अलग पार्टियों से जुड़े रहते हैं और युवाओं को आंदोलन के लिए उकसाते हैं, जबकि खुद पीछे रहकर तमाशा देखते हैं। उन्होंने युवाओं को ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आने की सलाह दी।
जयहिंद ने योगेंद्र यादव के आंदोलनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह कई साल से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार आज तक उनके खिलाफ एक भी केस दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में युवाओं को आगे किया जाता है, जबकि इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए नेता खुद सामने नहीं आते।
नवीन जयहिंद ने आम आदमी पार्टी में वर्ष 2012 से 2015 के बीच योगेंद्र यादव की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 2014 में अरविंद केजरीवाल को पार्टी से हटाने की तैयारी थी और योगेंद्र यादव को मुख्यमंत्री बनाने की योजना बनाई जा रही थी। जयहिंद के मुताबिक, उस समय योगेंद्र यादव को पार्टी से बाहर करने की जिम्मेदारी उन्हें ही मिली थी। ये सभी दावे जयहिंद ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान किए।
गुरनाम चढूनी को टिकट देने का किया था विरोध
जयहिंद ने कहा कि 2014 के चुनाव में योगेंद्र यादव ने गुरनाम चढूनी को कुरुक्षेत्र से टिकट देने का विरोध किया था। उनके अनुसार, योगेंद्र यादव ने किसी प्रोफेसर को उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर रखी थी। इसी मुद्दे पर उनके और योगेंद्र यादव के बीच विवाद भी हुआ था। जयहिंद ने कहा कि इस विवाद के बारे में कई लोग जानते हैं।
10 लाख के चंदे का हिसाब नहीं देने का आरोप
नवीन जयहिंद ने आरोप लगाया कि योगेंद्र यादव ने 2014 में गुरुग्राम से चुनाव लड़ने के दौरान 10 लाख रुपए का चंदा लिया था, लेकिन उसका हिसाब नहीं दिया। जयहिंद ने दावा किया कि योगेंद्र यादव खुद आगे आने के बजाय दूसरों के कंधों पर बंदूक रखकर चलते हैं और आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाने से बचते हैं।
बोले- अपने बच्चों को आंदोलन में क्यों नहीं लाते
जयहिंद ने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पर युवाओं को आंदोलनों के लिए उकसाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आंदोलन में शामिल होना जरूरी है, तो दोनों नेता अपने बच्चों को इनमें क्यों नहीं लाते। जयहिंद ने कहा कि युवाओं को किसी के बहकावे में आकर ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो।
कहा- युवाओं को सतर्क रहना चाहिए
नवीन जयहिंद ने कहा कि विपक्ष को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने चाहिए और युवाओं को भी अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे किसी के कहने पर आंदोलन में शामिल होने से पहले उसके उद्देश्य और परिणामों को समझें। जयहिंद के मुताबिक, दूसरों के उकसावे में आकर आंदोलन करने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
