दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते पर्यावरण संकट और प्रदूषण के स्तर को लेकर केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने एक महत्वपूर्ण संबोधन में गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस पूरे क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना है, तो अरावली की पहाड़ियों का संरक्षण करना अनिवार्य होगा। मंत्री के अनुसार, यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा विषय है।
एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता और प्रदूषण की स्थिति पहले से ही चिंताजनक बनी हुई है। इस संदर्भ में बात करते हुए कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यहाँ रहने वाले लोगों का जीवन प्रदूषण के कारण अत्यंत कठिन होता जा रहा है। वर्तमान में जो प्रदूषण का स्तर है, वह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे में अरावली की पहाड़ियाँ एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं।
संबोधन के दौरान उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि अरावली की पहाड़ियों को नुकसान पहुँचाया गया या वे उजड़ गईं, तो आने वाले समय में यहाँ प्रदूषण का स्तर वर्तमान की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रकृति के साथ किया गया खिलवाड़ न केवल पर्यावरण को नष्ट करेगा, बल्कि एनसीआर में रहने वाले नागरिकों के जीवन को लगभग दुर्भर बना देगा।
मंत्री ने अरावली के बचाव को ‘आदमी को बचाने’ के समान बताया। उन्होंने आह्वान किया कि लोगों के हित और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए अरावली का बचना अत्यंत जरूरी है। प्रदूषण की समस्या को देखते हुए यह चेतावनी दिल्ली-एनसीआर के लिए खतरे की घंटी के समान है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
