• यमुनानगर पहुंची कांग्रेस की सद्भाव यात्रा , बीजेपी पर साधा निशाना

कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही सद्भाव यात्रा यमुनानगर पहुंची, जहां कांग्रेसियों ने उसका स्वागत किया। इस यात्रा का यमुनानगर में पहला दिन रहा, जबकि आगामी दो दिन यह यात्रा जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में रहेगी। यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और कौमी एकता का संदेश दिया।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने कहा कि सद्भाव का अर्थ ही है आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और देश की साझा संस्कृति को मजबूत करना। उन्होंने कहा कि आज देश में वोट की राजनीति के लिए समाज के ताने-बाने को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। अलग-अलग वर्गों को आपस में लड़ाने का प्रयास हो रहा है, जिससे समाज में तनाव और नफरत फैल रही है।

बृजेंद्र सिंह ने कहा,“इस यात्रा का मकसद यही है कि समाज बिखरने न पाए। हमारे बीच इतनी नफरत न भर जाए कि हम एक-दूसरे को देखना भी पसंद न करें। यह यात्रा केवल सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश भी देती है। वोट बैंक की राजनीति के लिए जो नफरत फैलाई जा रही है, उसका मजबूती से मुकाबला केवल कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है।

अनिल विज के बयान पर पलटवार

इस दौरान बृजेंद्र सिंह ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस को टूटी हुई पार्टी बताया था। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अनिल विज को कांग्रेस पर टिप्पणी करने से पहले अपनी सरकार के आधार पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार किस तरह बनी है, यह बात किसी से छिपी नहीं है।

बृजेंद्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अनिल विज अक्सर बयान देते रहते हैं, लेकिन उनके अधिकतर बयानों का कोई खास अर्थ नहीं होता। केवल बयानबाजी से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।

शंकराचार्य प्रकरण और लोकतंत्र पर चिंता

शंकराचार्य से जुड़े घटनाक्रम पर बोलते हुए बृजेंद्र सिंह ने लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने जर्मनी के दूसरे विश्व युद्ध के दौरान प्रचलित एक प्रसिद्ध कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब समाज के किसी एक वर्ग को निशाना बनाया गया और बाकी लोग चुप रहे, तो अंत में सभी को उसका खामियाजा भुगतना पड़ा।

बृजेंद्र सिंह ने कहा कि आज भारत में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनती जा रही है।“पहले अल्पसंख्यकों को निशाने पर लिया गया, फिर किसानों को, उसके बाद अनुसूचित जातियों को और अब शंकराचार्य जैसे संतों तक पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसे देशद्रोही करार दे दिया जाता है।”

किसान आंदोलन का जिक्र

बृजेंद्र सिंह ने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी अन्नदाता किसानों को देशद्रोही कहा गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया और कहा कि असहमति को देशद्रोह बताने की प्रवृत्ति देश के भविष्य के लिए घातक है।

बृजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की सद्भाव यात्रा इसी मानसिकता के खिलाफ है। यह यात्रा लोगों को जोड़ने, संवाद स्थापित करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निकाली जा रही है।