- उकलाना में मनरेगा पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर वीरवार को हिसार जिले के उकलाना तहसील परिसर में कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने की अध्यक्षता विधायक नरेश सेलवाल ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मजदूरों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विधायक नरेश सेलवाल ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना पर लगातार चार बड़े हमले किए जा रहे हैं, जो सीधे-सीधे गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता के हितों पर प्रहार हैं। पहला हमला 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी को व्यवहार में कमजोर करने का है। वहीं दूसरा, मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी और समय पर भुगतान के अधिकार को छीना जा रहा है।
तीसरा, ग्राम पंचायतों को योजना संचालन से बाहर कर उनके अधिकार समाप्त किए जा रहे हैं। चौथा, राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालकर मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश रची जा रही है।
मनरेगा केवल सरकारी योजना नहीं
नरेश सेलवाल ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर वर्ग के लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी और मजदूरों के अधिकारों की यह लड़ाई गांव-गांव, गली-गली तक मजबूती से लड़ी जाएगी। धरना प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार राहुल राठी को ज्ञापन सौंपा।
125 दिन के काम की कानूनी गारंटी
ज्ञापन में मांग की गई कि मनरेगा में 125 दिन के काम की कानूनी गारंटी को पूरी तरह बहाल किया जाए, मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, मनरेगा बजट में वृद्धि की जाए, मजदूर विरोधी शर्तें हटाई जाएं, ग्राम पंचायतों को योजना संचालन में पूर्ण अधिकार दिए जाए।
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी
विधायक नरेश सेलवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने मजदूरों की मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस पार्टी यह आंदोलन सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक पूरी ताकत से ले जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा मजदूर, किसान और गरीब वर्ग के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए और मनरेगा को मजबूत करने की मांग की।
