• AICC ने ऑब्जर्वर बनाया , पहले भी कई प्रदेशों के बन चुके प्रभारी

आगामी असम विधानसभा 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी आदेश में असम विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। पार्टी ने जिन नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया है, उनमें हरियाणा के करनाल से वीरेंद्र राठौर शामिल है। जो पहले भी कई प्रदेशों के बन चुके प्रभारी। इन सभी को चुनावी रणनीति को जमीन पर लागू करने और संगठनात्मक समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस का यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी आगामी चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के जरिए पार्टी जमीनी स्तर पर बेहतर तालमेल, रणनीति और चुनावी तैयारी को मजबूत करना चाहती है।

कौन है वीरेंद्र राठौर

हरियाणा के करनाल जिले की घरौंडा विधानसभा सीट से वीरेंद्र राठौर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के एक प्रमुख नेता और कद्दावर उम्मीदवार हैं। उन्हें कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विशेष रूप से गांधी परिवार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माना जाता है। वह घरौंडा सीट से कई बार चुनाव लड़ चुके हैं और भाजपा के मौजूदा विधायक हरविंदर कल्याण के खिलाफ मुख्य चुनौती के रूप में उभरे हैं।

चुनाव लड़ने का इतिहास

वीरेंद्र सिंह राठौर ने घरौंडा विधानसभा क्षेत्र से कई बार चुनाव लड़ा है: 2024 (हरियाणा विधानसभा चुनाव): कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा। यह चुनाव बहुत करीबी था, जिसमें उन्हें लगभग 83,000 वोट मिले, लेकिन वह भाजपा के हरविंदर कल्याण से बेहद कम अंतर (लगभग 4500 वोटों) से हार गए।

2019 (हरियाणा विधानसभा चुनाव): कांग्रेस के उम्मीदवार थे और उन्हें लगभग 49,000 वोट मिले थे।

2014 (हरियाणा विधानसभा चुनाव): इस चुनाव में भी वह कांग्रेस के उम्मीदवार थे।

2009 (हरियाणा विधानसभा चुनाव): इससे पहले के चुनावों में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है।