बोले- आपका एक विधायक भी, मुद्दे भेजें- मैं सवाल उठाऊंगा

हरियाणा समेत पूरे देश में सोशल मीडिया पर वायरल हुई “कॉकरोच जनता पार्टी” को लेकर अब तक कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। यह फिलहाल कोई आधिकारिक चुनावी पार्टी नहीं है, बल्कि युवाओं के गुस्से, बेरोजगारी और सिस्टम पर व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ एक डिजिटल मूवमेंट माना जा रहा है।

मैं पहले उस जनरेशन से हूं जिसे आलसी और कॉकरोच कहा गया

अर्जुन चौटाला ने कहा कि विधायक बनने से पहले वह उसी युवा पीढ़ी का हिस्सा हैं, जिसे बेरोजगार, आलसी और “कॉकरोच” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। उन्होंने इसे युवाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।

मैंने किसी व्यक्ति नहीं, संविधान की शपथ ली

उन्होंने कहा कि विधायक के तौर पर उन्होंने किसी नेता या पार्टी नहीं, बल्कि संविधान की शपथ ली है। संविधान हर नागरिक को सरकार से सवाल पूछने और जवाब मांगने का अधिकार देता है।

युवा टैक्स देता है, सरकार में इन्वेस्ट करता है

चौटाला ने कहा कि देश का युवा टैक्स देता है, पढ़ाई करता है और नौकरी करके देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। ऐसे युवाओं को “कॉकरोच” कहना गलत है।

सरकार युवाओं से सेना में जाने की उम्मीद भी करती है

उन्होंने सवाल उठाया कि जिन युवाओं को आलसी और पैरासाइट कहा जा रहा है, उन्हीं से देश सेवा, सेना में भर्ती और जागरूक नागरिक बनने की उम्मीद भी की जाती है।

वोटर सवाल नहीं पूछ सकता तो विधायक होने का क्या मतलब

अर्जुन चौटाला ने कहा कि अगर जनता अपने विधायक से सवाल नहीं पूछ सकती, तो जनप्रतिनिधित्व का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का जवाब देना विधायक की जिम्मेदारी है।

मैं अपने संगठन में बदलाव देखना चाहता हूं

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से यह मुद्दा उनके मन में चल रहा था और वह राजनीति व संगठनात्मक सोच में बदलाव देखना चाहते हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी मूवमेंट तेजी से बढ़ा

चौटाला ने दावा किया कि कॉकरोच जनता पार्टी मूवमेंट इतनी तेजी से बढ़ा कि उसके सोशल मीडिया फॉलोअर्स बीजेपी के इंस्टाग्राम पेज से आगे निकल गए।
पेज बंद करना आवाज दबाने की कोशिश

उन्होंने आरोप लगाया कि मूवमेंट लोकप्रिय होने के बाद रातों-रात उसका सोशल मीडिया पेज बंद कर दिया गया, ताकि युवाओं की आवाज दबाई जा सके।
कॉकरोच को मारना आसान नहीं: अपने बयान में उन्होंने कहा, “कॉकरोच को दस बार भी कुचलोगे तो भागना आपको ही पड़ेगा।” उन्होंने इसे युवाओं के संघर्ष और जिद का प्रतीक बताया।
कॉकरोच भाइयों के साथ एक विधायक भी: अर्जुन चौटाला ने कहा कि वह खुद को भी इस मुहिम का हिस्सा मानते हैं और “कॉकरोच जनता पार्टी” के साथ एक विधायक भी खड़ा है।
युवा मुद्दे भेजें, मैं सवाल उठाऊंगा: उन्होंने युवाओं से राज्य और देश के बड़े मुद्दों पर सवाल भेजने की अपील की। चौटाला ने कहा कि एक विधायक को हर महीने तीन सवाल पूछने का अधिकार होता है और वह युवाओं की आवाज विधानसभा तक पहुंचाएंगे।
ई-मेल के जरिए संपर्क की अपील: उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि उन्हें किसी मुद्दे पर सवाल उठाना है तो वे ई-मेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं।

हरियाणा में क्यों हो रही ज्यादा चर्चा?

हरियाणा में युवाओं के बीच बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर पहले से नाराजगी रही है। ऐसे में सोशल मीडिया पर “मैं भी कॉकरोच” जैसे ट्रेंड्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई हरियाणा आधारित इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज भी इस कंटेंट को आगे बढ़ा रहे हैं।
सबसे बड़ा अपडेट यह है कि] इस मूवमेंट की हरियाणा में भी एंट्री हो चुकी है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के विधायक अर्जुन चौटाला से जुड़े बयान और सोशल मीडिया चर्चाओं के बाद हरियाणा की राजनीति में भी “कॉकरोच पार्टी” को लेकर बहस शुरू हो गई है।

इस पूरे आंदोलन की शुरुआत कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने को लेकर सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखने को मिली।