• कई एजेंडों पर चर्चा होगी, SIR पर कल होगा मंथन

हरियाणा कांग्रेस ने आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में दो दिवसीय चंडीगढ़ स्थित प्रदेश मुख्यालय में जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) के अध्यक्षों की बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक के पहले दिन पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों से वन टू वन मीटिंग हुई।

इस दौरान सभी से ग्राउंड फीडबैक और अपने अपने जिलों में किए गए कार्यों की जानकारी ली गई। पार्टी नेताओं की ओर से सभी जिलाध्यक्षों को जून और जुलाई में शुरू होने वाले SIR को लेकर भी ग्राउंड पर प्लानिंग के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला अध्यक्षों के कामकाज, बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता, जनसंपर्क गतिविधियों और संगठन विस्तार की स्थिति का विस्तृत आंकलन किया गया। कांग्रेस नेतृत्व का फोकस आगामी चुनावों से पहले बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है।

हुड्डा ने 3 जून को बुलाई विधायक दल की मीटिंग

वहीं, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 3 जून को विधायक दल की मीटिंग बुला ली है। इस मीटिंग में कई एजेंडों पर चर्चा की जाएगी। इन एजेंडों में एसआईआर को लेकर भी सभी विधायकों को टास्क दिया जाएगा।

24 जिलाध्यक्षों के काम का रिव्यू

जानकारी के अनुसार, आज सुबह 10 बजे से शुरू हुई रिव्यू बैठक शाम छह बजे तक चली। पहले दिन 24 जिलाध्यक्षों की समीक्षा की गई। अब 27 मई को पंचकूला, पानीपत, यमुनानगर, फतेहाबाद, हिसार और सिरसा समेत बाकी जिलों के अध्यक्षों के साथ बैठक की जाएगी। जिला अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों और अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट लेकर आने के निर्देश दिए गए हैं।

SIR पर भी मंथन होगा

इसी के साथ कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर भी तैयारी तेज कर दी है। 27 मई को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में राज्य स्तरीय कार्रवाई एवं निगरानी समिति तथा बीएलए पदाधिकारियों की बैठक और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और इसमें पारदर्शिता तथा सतर्कता बेहद जरूरी है।

दिल्ली की रहेगी पूरी नजर

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे अभियान पर दिल्ली नेतृत्व की भी सीधी नजर रहेगी। हरियाणा मामलों के सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल और प्रफुल्ल गुडे भी बैठकों में मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि जिन जिलों में संगठन कमजोर पाया जाएगा, वहां बदलाव या नई रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठन, कार्यकर्ता और जनसंपर्क को मजबूत किए बिना चुनावी सफलता संभव नहीं है। यही कारण है कि पार्टी अब बूथ स्तर तक सक्रिय नेटवर्क तैयार करने में जुट गई है।