- 3 निर्देशों का पालन करना जरूरी
हरियाणा कांग्रेस संगठन में अनुशासन और समन्वय को मजबूत करने के लिए पार्टी हाईकमान ने बड़ा निर्देश जारी किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने 28 मई 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि कांग्रेस के नाम पर प्रदेश में कोई भी आंदोलन, धरना, प्रदर्शन, विरोध-प्रदर्शन, प्रेस वार्ता अथवा अन्य सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रम बिना हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) को पूर्व सूचना दिए और उसकी स्वीकृति प्राप्त किए आयोजित नहीं किया जाएगा।
एआईसीसी की ओर से जारी यह निर्देश हरियाणा के सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों-विधायकों, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों, पदाधिकारियों, प्रकोष्ठों, विभागों, विंग्स तथा पार्टी कार्यकर्ताओं पर लागू होगा।
संगठनात्मक समन्वय और एकरूपता पर जोर
पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद के लेटर में कहा गया है कि प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर लगातार आंदोलन, धरने, विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में संगठनात्मक समन्वय, अनुशासन, संदेश की एकरूपता, मीडिया प्रबंधन और प्रभावी राजनीतिक रणनीति सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अलग-अलग स्तरों पर बिना समन्वय के आयोजित कार्यक्रमों से संगठनात्मक संदेश प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी गतिविधियों को प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय बनाकर संचालित किया जाएगा।
जारी किए गए प्रमुख निर्देश
एआईसीसी के पत्र में तीन महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं, जिसमें पहला, प्रस्तावित कार्यक्रम या गतिविधि का पूरा विवरण पहले HPCC कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। दूसरा, किसी भी सार्वजनिक घोषणा या कार्यक्रम के आयोजन से पहले HPCC कार्यालय से आवश्यक स्वीकृति या अनुमति प्राप्त की जाए और तीसरा, सभी स्तरों पर संबंधित जिला और प्रदेश नेतृत्व के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
निर्देशों के कड़ाई से पालन के आदेश
बीके हरिप्रसाद ने लेटर में कहा है कि संगठन की एकता और अनुशासित कार्यप्रणाली के व्यापक हित में सभी संबंधित नेता और कार्यकर्ता इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
इस पत्र की प्रतिलिपि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल (CLP) नेता तथा हरियाणा अनुशासन समिति के चेयरमैन को भी भेजी गई है।
निर्देशों के राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह निर्देश ऐसे समय आया है, जब हरियाणा कांग्रेस के भीतर विभिन्न नेताओं और गुटों द्वारा अलग-अलग मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी चुनावी रणनीति को देखते हुए पार्टी हाईकमान संगठनात्मक गतिविधियों को एक केंद्रीकृत ढांचे में लाना चाहता है, ताकि पार्टी का संदेश एकरूप रहे और राजनीतिक कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
