• राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग में नाम आया

हरियाणा में कांग्रेस विधायक के पति आज BJP जॉइन करेंगे। CM नायब सैनी का व्यासपुर में कार्यक्रम रखा है, इसी में यह जॉइनिंग होगी। साढौरा विधायक रेनू बाला को कांग्रेस ने सस्पेंड कर रखा है। उनका नाम राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायकों में था।

उसके बाद से रेनू बाला भी लगातार सरकार के मंच शेयर कर रही हैं। पिछले दिनों ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री अनिल विज के साथ बैठी नजर आईं थी। उनके पति ऋषिपाल पेश से इंजीनियर हैं। हालांकि वह विधायक पत्नी की सियासी गतिविधियां भी संभालते हैं।

ऋषिपाल के भाजपा में शामिल होने को लेकर जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि कार्यक्रम में साढौरा विधायक रेनू बाला भी मौजूद रहेंगी। हालांकि उन्होंने स्वयं भाजपा की सदस्यता लेने से इनकार किया है। ऋषिपाल ने कहा कि उनकी पत्नी कांग्रेस में ही हैं। कांग्रेस ने केवल निलंबित किया है, निष्कासित नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि रेनू बाला कांग्रेस के आधिकारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखेंगी, लेकिन उनकी राजनीतिक पहचान कांग्रेस से ही जुड़ी रहेगी।

विधायक के साथ BJP जॉइन न करने की तकनीकी मजबूरी

क्रॉस वोटिग में नाम आने के बाद अलग-थलग पड़ीं

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 5 विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी कर्मबीर बौद्ध की बजाय भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को वोट डाला। इन्हीं में रेनू बाला का भी नाम आया। कांग्रेस उन्हें निलंबित कर चुकी है। उसकी बाद से कांग्रेस उन्हें पार्टी मीटिंग में भी नहीं बुला रही।

सरकारी कार्यक्रमों में नजर आ रहीं, कुर्सी-सम्मान मिल रहा 

कांग्रेस से निलंबन के बाद से रेनू बाला अब लगातार सरकारी कार्यक्रमों में नजर आ रही हैं। वह भाजपा नेताओं के साथ मंच भी शेयर कर रही हैं। पिछले दिनों यमुनानगर में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में उनकी कुर्सी भाजपा विधायकों के बीच में लगी थी। वह मंत्री अनिल विज से एक कुर्सी दूर बैठीं।

BJP जॉइन करने पर विधानसभा सदस्यता को खतरा होगा 

कानून व संवैधानिक मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार कहते हैं-कांग्रेस ने विधायकों को निलंबित किया, इससे उनकी विधानसभा सदस्यता पर कोई खतरा नहीं आया। यदि ये विधायक BJP या दूसरी पार्टी जॉइन करते हैं, तो वे अयोग्य घोषित हो जाएंगे और विधायक पद चला जाएगा। ऐसे में संभावना कम है कि अभी ये निलंबित विधायक भाजपा जॉइन करने का जोखिम लें। सदन के भीतर ये विधायक कांग्रेस का व्हिप मानने को भी मजबूर होंगे।

रेनू बाला ने निर्दलीय जिप लड़ा था, दो बार की विधायक

रेनू बाला का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने जिला परिषद चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा था। बाद में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें जिला परिषद चेयरपर्सन बनीं। इसके बाद 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कुमारी सैलजा की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया था। तब लगातार दो बार भाजपा प्रत्याशी को हराकर विधायक बन रही हैं। अब उनके पति के भाजपा में शामिल होने के फैसले ने एक बार फिर जिले की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।

साढौरा सीट के समीकरणों का क्या असर

ऋषिपाल की भाजपा में एंट्री को साढौरा विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और साढौरा से 3 बार विधायक रह चुके बलवंत सिंह भी मंच पर मौजूद रहेंगे। बलवंत सिंह को रेनू बाला ने लगातार 2 बार हराया है। ऐसे में दोनों परिवारों का एक मंच पर आना आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में अभी से चर्चा शुरू हो गई है कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा साढौरा सीट पर किस चेहरे पर दांव लगाएगी। ऋषिपाल के भाजपा में शामिल होने के बाद टिकट की दावेदारी को लेकर नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।