- राव नरेंद्र और भूपेंद्र हुड्डा समेत सैलजा भी जाएगी दिल्ली
कांग्रेस हाईकमान ने अगले चुनावी दौर की तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति को लेकर गुरुवार को नई दिल्ली में अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में शामिल होने के लिए हरियाणा कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी दिल्ली तलब किया गया है। इसके चलते चंडीगढ़ में 11 जून को प्रस्तावित हरियाणा कांग्रेस OBC विभाग के चेयरमैन का पदग्रहण समारोह स्थगित कर दिया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में होने वाली बैठक में सभी राष्ट्रीय महासचिव, राज्यों के प्रभारी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हिस्सा लेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
पदभार ग्रहण कार्यक्रम स्थगित हुआ
हरियाणा से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा बैठक में मौजूद रहेंगी। दिल्ली बैठक को प्राथमिकता देते हुए हरियाणा कांग्रेस OBC विभाग ने चंडीगढ़ प्रदेश कार्यालय में 11 जून को प्रस्तावित चेयरमैन पदग्रहण समारोह को स्थगित करने की घोषणा की है।
जारी सूचना में कहा गया है कि राव नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और OBC विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद को AICC की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना है, इसलिए कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है।
चुनावी राज्यों पर रहेगा फोकस
सूत्रों के मुताबिक बैठक का मुख्य एजेंडा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा और रणनीति तय करना है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी समेत कई राज्यों के राजनीतिक हालात, संगठन की स्थिति, स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता और संभावित गठबंधन विकल्पों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गोवा में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी रोडमैप तैयार किया जाएगा। संगठन सृजन अभियान की प्रगति, जिला-ब्लॉक स्तर पर संगठन विस्तार और बूथ प्रबंधन को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर रहेगा।
चुनावी तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता
हरियाणा कांग्रेस के OBC विभाग का कार्यक्रम स्थगित होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल संगठनात्मक पुनर्गठन और चुनावी तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। दिल्ली की बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का असर हरियाणा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है।
