• 2 साल पहले X अकाउंट को बनाया था निशाना

साइबर अपराधियों ने दो साल में दूसरी बाद यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा को निशाना बनाया है। इस बार उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया और उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हुए कई लोगों को रुपए भेजने संबंधी संदेश भेजे गए। मामला सामने आते ही विधायक ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की और किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन से बचने को कहा।

जानकारी के अनुसार रविवार को विधायक के एक परिचित को उनके नंबर से मदद के नाम पर पैसे भेजने का संदेश प्राप्त हुआ। संदेश की भाषा और मांग को संदिग्ध मानते हुए परिचित ने इसकी जानकारी सीधे विधायक को दी। जांच करने पर पता चला कि उनका वॉट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और हैकर उनके संपर्क में मौजूद लोगों को संदेश भेज रहा है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर किया सचेत

मामले की पुष्टि होते ही विधायक और उनके निजी सहायक ने व्हाट्सएप स्टेटस तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सूचना जारी कर लोगों को आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नंबर से भेजे जा रहे किसी भी संदेश का जवाब न दिया जाए और न ही किसी प्रकार की धनराशि भेजी जाए।

इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में चेतावनी संदेश प्रसारित कर लोगों को सतर्क किया। सूत्रों के अनुसार हैकर ने विधायक के संपर्क सूची में मौजूद कई अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रदेश सरकार से जुड़े लोगों को भी संदेश भेजे।

कुछ संदेशों में तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की गई थी। हालांकि समय रहते लोगों को जानकारी मिल जाने के कारण किसी के साथ ठगी होने की सूचना नहीं है। विधायक ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों को दे दी गई है। अकाउंट को सुरक्षित करने और हैकिंग के स्रोत का पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले भी हो चुके साइबर हमले का शिकार

यह पहला अवसर नहीं है जब विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बनाया गया हो। मई 2024 में उनका एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भी हैक कर लिया गया था। उस दौरान उनके अकाउंट से गुर्जर समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट कर दी गई थी।

इस पोस्ट के बाद शहर में विवाद की स्थिति बन गई थी। मामले को लेकर भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी हुआ था। बाद में विधायक ने अकाउंट हैक होने की जानकारी देते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और जांच शुरू कराई गई थी।