• INLD सुप्रीमो बोले-सरकार के फरमान का विरोध, लिखेंगे चिट्‌ठी

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी (INLD) सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला की गाड़ी में पेट्रोल डालने पर एक पंप संचालक को नोटिस जारी हो गया। यहां तक कि कंपनी ने पंप की तेल सप्लाई तक रोक दी। बाद में अभय चौटाला ने स्वयं कंपनी में डीलिंग अफसरों से बात की। इसे लेकर इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने वीडियो में बयान जारी किया है कि सरकार के इस तरह के फरमान का हम विरोध करते हैं और सरकार से इस तरह के ऑर्डर वापस लेने के लिए चिट्‌ठी लिखेंगे। ये किसान को कमजोर करने के लिए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह मामला सिरसा जिले के डबवाली में गोल चौक स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप का है। सप्लाई रोकने के बाद पंप ऑनर को मेल आदि करनी पड़ी और तेल कंपनी में अफसरों से बात की तो मुश्किल से सप्लाई शुरू हुई। यह मामला अभय चौटाला के संज्ञान में आने के बाद मीडिया में उठाया। दरअसल, पंप ऑनर संदीप चौधरी अभय चौटाला का दूर के रिश्ते में भतीजा लगता है और उनके करीबियों में से एक है। अक्सर कई बार उनके साथ देखने को मिलते हैं।

ऐसे कई पंपों के साथ हो रहा है और तय मात्रा में तेल एक साथ ज्यादा डालने पर सप्लाई रोक दी जाती है। बता दें कि सरकार की ओर से 200 लीटर डीजल डलवाने पर रोक लगा दी गई है कि किसी को एक बार में इससे ज्यादा तेल नहीं देना। चाहे वह दूसरी बार या दूसरे पंप से ले सकता है। वहीं, तेल कंपनी की ओर से भी सख्ती कर दी गई है। पंपों पर तेल डालने वाली मशीनें सीधा कंपनी से डिजिटल कनेक्टिविटी है। अगर किसी पंप पर किसी गाड़ी या ड्रम में तय मात्रा से ज्यादा तेल डल जाता है तो सप्लाई रोक दी जाती है।

तेल कंपनियों ने पेट्रोल को लेकर लिखित आदेश तो जारी नहीं किए। मगर पेट्रोल इकट्‌ठा एक साथ डालने पर सप्लाई रोक दी जाती है। सामान्य गाड़ियों की आमतौर पर पेट्रोल की टंकी 40 से 50 लीटर की होती है। कुछ महंगी गाड़ियों की पेट्रोल की टंकी 100 लीटर की क्षमता से ज्यादा बड़ी है। उन गाड़ियों में तेल डलवाने में दिक्कत आती है। जैसे ही पेट्रोल ज्यादा डलता है।

भतीजे के पंपर टंकी फुल करवाने गया था गाड़ी लेकर

अभय चौटाला बोले, मेरे पास निशान पेट्रोल गाड़ी है। उसका 120 लीटर का तेल टैंक है। डबवाली में मेरे ही भतीजे का पेट्रोल पंप है। उसके पंप पर गाड़ी ले जाकर टंकी फुल करने को कहा। उसने जब टंकी फुल करी तो उससे 111-112 लीटर तेल डल गया। वो मुझे मना नहीं कर सकता था और उसने पेट्रोल भर दिया। अगर वो मालिक खुद तो खड़ा होता तो कह सकता था कि पाबंदी है। उसने जो आगे वर्कर रखा हुआ था। उसने मुझे गाड़ी में बैठा देखकर फुल कर दिया। इस पर उसको नोटिस आ गया।

800 किलोमीटर सफर करना होता है

वीडियो में अभय सिंह आगे बोले, उसने मुझे आकर बताया, मेरे को इस तरह नोटिस आ गया और मैंने पेट्रोल लेने के लिए जो टैंकर भेजा हुआ था, उसको रोक दिया। मैंने उनसे फिर बात की और कहा, मेरी गाड़ी की टंकी इतनी बड़ी है। अगर उसमें पेट्रोल इतना आएगा। मुझे 800 किलोमीटर तक सफर करना है तो मैं क्या जगह-जगह घूमकर तेल डलवाता फिरूंगा। कहीं ऐसी जगह पर मुझे प्रॉब्लम आ गई, जहां पड़ोस में पंप नहीं होगा तो मुझे दिक्कत नहीं होगी। ये जो 200 लीटर वाली पाबंदी है, इसके दो नुकसान है।

 

किसानों के लिए आने-जाने का खर्च बढ़ेगा और नुकसान : अभय

अभय बोले, अगर किसान 200 लीटर डीजल लेके जाता है और उस डीजल से अपने खेत की बुवाई कर लेता है तो फिर उसे 200 लीटर डीजल के लिए 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। उससे 20 किलोमीटर दूर पंप है तो उसे जाना पड़ेगा। वो तेल का खर्चा और उसके ऊपर बढ़ जाएगा। पहले जब बुवाई का समय आता था तो ट्राली में 10-20 ड्रम रखकर ले जाते थे और खेत की बुवाई करते थे। उससे बचत होती थी।

ये तो किसाना को कमजोर करने के लिए इस तरह के फरमान जारी कर रहे हैं। हम इसका विरोध करते हैं और इसकी ऑर्डर की निंदा करते हैं। अब ही सरकार को चिट्‌ठी लिखेंगे कि आप इसे वापस ले और आपके माध्यम से भी सरकार को कहना चाहूंगा कि आपने ये ऑर्डर जारी किया है, इसे तुरंत वापस ले।

इससे पंप ऑनर-ग्राहक परेशान, सप्लाई रोक दी जाती है: पंप ऑनर संदीप

दलीप सिंह रिपु दमन सिंह इंडियन ऑयल पंप से संचालक संदीप चौधरी ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, इन ऑर्डर से पंप ऑनर परेशान है। तेल का टैंकर लाने वाला ड्राइवर भी परेशान है और वह लंबे समय तक परेशान है। ग्राहक पंप कर्मियों के साथ झगड़ा करते हैं कि तेल क्यों नहीं डालते। तेल की भी कोई कमी नहीं है। डीजल लेने वाला कोई ग्राहक पंप पर नहीं है। धान बुवाई का समय चल रहा है। हर किसान-आदमी तेल का ड्रम भरवाता है, ताकि उसे शहर न आना पड़े।

अभय सिंह भाई साहब सप्ताह पहले पंप पर आए थे। उनकी महंगी गाड़ी का टैंक बड़ा था तो तेल 111-112 लीटर पेट्रोल डल गया। कंपनी ने सप्लाई रोक दी। फिर मेल की और कंपनी से बात कर मुश्किल से सप्लाई शुरू करवाई। कंपनी मानने को तैयार नहीं कि इतना तेल कैसे डाला। वरना अक्सर पेट्रोल गाड़ी का टंकी 50 लीटर तक होती है। एक-दो दिन पहले उनसे मिला था तो यह सब बताया।