• इससे पहले दिल्ली-हिसार में मिले थे सैनी

हरियाणा में बिश्नोई परिवार और मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी हैं। 15 दिन के अंदर तीसरी बार कुलदीप बिश्नोई और नायब सैनी गर्मजोशी से मिले हैं। सोमवार रात को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ में स्थित आवास पर कुलदीप बिश्नोई पत्नी रेणुका बिश्नोई, बेटे भव्य बिश्नोई और विधायक रणधीर पनिहार समर्थकों के साथ पहुंचे।

नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी भी साथ रहीं। दोनों परिवारों ने एक साथ डिनर भी किया। कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी शेयर की। इससे पहले मुख्यमंत्री 3 जून को दिल्ली में कुलदीप बिश्नोई के घर चाय पीने पहुंचे थे।

इसके बाद चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हिसार के आदमपुर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ऐसे में सैनी और कुलदीप की नजदीकियां हरियाणा की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद से वह पार्टी में संघर्ष कर रहे हैं।

 

BJP सांसद रेखा शर्मा के बयान से नाराज हो गए थे कुलदीप

भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने 24 अप्रैल को पंचकूला नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन का जिक्र करते हुए कहा था कि पहले पंचकूला में भजनलाल और चंद्रमोहन की बदमाशी चलती थी और वे बदमाशी करके चुनाव जीतते थे।

इस बयान के बाद बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया, कई जगह शिकायतें और FIR की मांग उठी। विवाद बढ़ने पर 15 मई को रेखा शर्मा ने माफी मांग ली थी। साथ ही कहा था कि मेरे शब्दों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी रेखा शर्मा को माफ कर दिया था।

कुलदीप ने कहा था-मैं बड़ा फैसला लेने वाला था

दरअसल, 3 जून को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री नायब सैनी हिसार के आदमपुर पहुंचे थे। बिश्नोई परिवार की ओर से आदमपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल हुए थे। उन्होंने समाधि स्थल की परिक्रमा की थी।

कार्यक्रम के बाद कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा- मैं अपने पिता चौधरी भजनलाल को लेकर दिए गए बयान से आहत था और इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लेने वाला था। भाजपा सांसद रेखा शर्मा का माफी वाला वीडियो मुझे दो दिन पहले ही मिल गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने तुरंत उन्हें माफ नहीं किया।

सरकार में 18 साल से पद से दूर बिश्नोई परिवार

इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार से बिश्नोई परिवार एक बार फिर सत्ता सुख से दूर हो गया है। अगर रणजीत चौटाला चुनाव जीतते तो उनका बिजली मंत्री का पद भव्य को मिल सकता था। मगर रणजीत की हार ने भव्य बिश्नोई को मंत्री पद से दूर कर दिया।

हरियाणा में बिश्नोई परिवार 18 साल से सरकार में पद से बाहर है। 2005 से 2008 तक भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा के डिप्टी सीएम पद पर रहे। इसके बाद निजी कारणों से उन्होंने त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद से आज तक बिश्नोई परिवार को सरकार में कोई पद नहीं मिला है।

2005 में भजनलाल की अगुवाई में कांग्रेस हरियाणा में पूर्ण बहुमत से आई मगर भजनलाल को मुख्यमंत्री ना बनाकर कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री की कुर्सी दे दी। डैमेज कंट्रोल के लिए कांग्रेस ने चंद्रमोहन को डिप्टी सीएम का पद दे दिया था।