कैथल में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुर्जर ने परीक्षाओं और भर्तियों के मुद्दे को लेकर सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजकल युवा दिन रात मेहनत करके पढ़ाई कर रहा है, लेकिन भाजपा के राज में इस मेहनत का परिणाम पेपर लीक, भर्ती रद्द, भर्तियों में अनावश्यक विलंब और बेरोजगारी का अंधेरा मिलता है। यह सरकार की विफलता का परिणाम है।
कैथल में एक निजी प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर कोई भर्ती रद्द या पेपर लीक होता है तो युवाओं का केवल पैसा ही बर्बाद नहीं होता, बल्कि उसके सपने भी टूट जाते हैं। उन युवाओं के सपनों के साथ साथ देश भी टूटता है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाती रहेगी।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग
उन्होंने सरकार से मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी रुकी हुई भर्तियों को तत्काल पूरा करे। युवाओं को रोजगार का अधिकार कानूनी रूप से सुनिश्चित किया जाए। शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
3.5 लाख करोड़ रुपए परीक्षाओं पर खर्च
रामचंद्र गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस का हरेक कार्यकर्ता इस लड़ाई में युवाओं के साथ खड़ा है। अभी कोटा में हुई प्रेसवार्ता में राहुल गांधी ने स्पष्ट बताया है कि किस प्रकार से नीट, जेईई, एसएससी, यूपीएससी और आरआरबी की तैयारी में छात्र कितना खर्च करते हैं। इन परीक्षाओं पर लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपए खर्च होता है। यह भारत सरकार के कुल शिक्षा बजट से तीन गुणा ज्यादा है। बदले में युवाओं को तनाव, बेरोजगारी मिलते हैं।
भर्तियां कर युवाओं को रोजगार दिया जाए
अकेले नीट का बजट एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा बनता है। इस परीक्षा के रद्द होने से करीब एक दर्जन युवाओं ने सुसाइड किया। चार दिन पहले ही देहरादून और दिल्ली में बच्चों ने आत्महत्या की। सरकार कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि भर्तियां कर युवाओं को रोजगार दिया जाए।
