- कांग्रेस की गुटबाजी से नाराज नेताओं ने बदला पाला, धनखड़ ने दिलाई सदस्यता
झज्जर की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब वार्ड-1 से दो बार के पूर्व पार्षद महावीर गुर्जर, उनके छोटे भाई रोशन गुर्जर, महावीर के पुत्र एवं वार्ड-1 के मौजूदा पार्षद टिंकी गुर्जर तथा पार्षद नरेश उर्फ आलू वाल्मीकि ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने सभी नेताओं को पार्टी का पटका पहनाकर भाजपा की सदस्यता दिलाई।
कार्यकर्ताओं की नहीं सुनवाई- महावीर
भाजपा में शामिल होने के बाद महावीर गुर्जर ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झज्जर की विधायक गीता भुक्कल और रोहतक लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के फोन तक नहीं उठाए जाते। सरकार में नहीं होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं में अहंकार दिखाई देता है। पार्टी में कार्यकर्ताओं को यह तक नहीं पता कि वे किसके लिए काम करें। कांग्रेस पूरी तरह गुटबाजी में बंट चुकी है। यदि कोई कार्यकर्ता हुड्डा गुट के अलावा किसी अन्य नेता से संपर्क करता है, तो उस पर भी नाराजगी जताई जाती है।
भाजपा में हर कार्यकर्ता का सम्मान
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि भाजपा गरीब, किसान, मजदूर, युवा और समाज के हर वर्ग की पार्टी है। उन्होंने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ताओं के सम्मान और संगठन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने सभी नए साथियों का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके जुड़ने से संगठन और मजबूत होगा।
राजनीति में बढ़े सियासी मायने
गुर्जर परिवार के प्रभावशाली नेताओं और नगर परिषद से जुड़े जनप्रतिनिधियों के एक साथ भाजपा में शामिल होने से झज्जर की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। इसे कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका और भाजपा के लिए संगठनात्मक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
