- करीबी विधायक का सम्मान भी छूटा
हिसार में गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रविवार को कार्यक्रम के मंच पर लगाए गए पोस्टर से भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की तस्वीर गायब मिली।
कार्यक्रम से पहले उनकी फोटो लगी हुई थी, लेकिन बाद में पोस्टर बदल दिया गया। इससे नाराज कुलदीप बिश्नोई ऑडिटोरियम में प्रवेश किए बिना ही लौट गए।
वहीं, कार्यक्रम में सम्मानित किए जाने के दौरान मंच से नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार का नाम ही नहीं लिया गया। बाद में कुलपति उन्हें पटका पहनाने पहुंचे, लेकिन पनिहार ने पटका लेकर अपने पास रख लिया।
जब इस मामले को लेकर कुलपति नरसी राम बिश्नोई से बात की तो उन्होंने कहा- मुझे इसकी जानकारी नहीं है। कुलदीप जी उद्घाटन कार्यक्रम में आए थे।
कुलदीप की कुर्सी पर बैठे चचेरे भाई
मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी में माता अमृता देवी सर्कल और खेजड़ली महाबलिदान स्मारक का उद्घाटन किया। इसके अलावा नर्सिंग ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल की नई इमारत की आधारशिला भी रखी। ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ कुलदीप बिश्नोई की कुर्सी भी लगाई गई थी और वे कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक समर्थकों ने कुलदीप को पोस्टर से गायब होने की बात बताई तो वह अंदर ही नहीं आए। कुलदीप की जगह उनके चचेरे भाई और पूर्व विधायक दुड़ाराम बैठे।
दुड़ाराम ने CM को जानकारी दी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दुड़ाराम से पूछा कि कुलदीप बिश्नोई क्यों नहीं आए। इस पर दुड़ाराम ने मुख्यमंत्री को कुछ बताया। जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री मुस्कुराए, लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार, हिसार विधायक सावित्री जिंदल, बिश्नोई समाज के स्वामी डॉ. सचिदानंद आचार्य समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
निजी सचिव बोले- दिल्ली जाना था
इस मामले में कुलदीप बिश्नोई के निजी सचिव मोहित से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुलदीप बिश्नोई को दिल्ली के लिए रवाना होना था। कार्यक्रम निर्धारित समय से देरी से शुरू हुआ, इसलिए वे बाहर से ही वापस चले गए।
विधायक रणधीर पनिहार भी दिखे नाराज
कार्यक्रम के दौरान GJU के कुलपति नरसीराम बिश्नोई ने मंच पर मौजूद मंत्रियों और विधायकों का पटका पहनाकर तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। हालांकि नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार का नाम छूट गया। उन्हें न तो पटका पहनाया गया और न ही स्मृति चिह्न दिया गया।
बाद में मंच से घोषणा की गई कि विधायक का सम्मान रह गया है। इसके बाद कुलपति उन्हें पटका पहनाने पहुंचे, लेकिन पनिहार ने उनके हाथ से पटका पहनने के बजाय उसे लेकर अपने पास रख दिया। इस दौरान वे नाराज नजर आए।
42 दिन में कुलदीप-सैनी की चौथी मुलाकात
कुलदीप बिश्नोई और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की 42 दिनों में यह चौथी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों जून से अब तक तीन बार मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री 1 जून को दिल्ली स्थित कुलदीप बिश्नोई के आवास पहुंचे थे। इसके बाद 3 जून को वे हिसार के आदमपुर आए, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इसके बाद 15 जून को कुलदीप बिश्नोई और उनके परिवार ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों परिवारों ने साथ डिनर भी किया था।
कुलदीप बिश्नोई कब-कब हुए नाराज
लोकसभा चुनाव में टिकट कटने पर नाराजगी
2024 के लोकसभा चुनाव में हिसार सीट से टिकट कटने के बाद कुलदीप बिश्नोई नाराज हो गए थे। उन्होंने चुनाव प्रचार से पूरी तरह दूरी बना ली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हें मनाने के लिए दिल्ली स्थित उनके आवास पहुंचे थे। हालांकि, भाजपा प्रत्याशी रणजीत चौटाला चुनाव हार गए।
भजनलाल पर टिप्पणी से खट्टर से नाराजगी
10 अप्रैल 2024 को केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल से जुड़ा एक किस्सा सुनाया था। इसे लेकर बिश्नोई परिवार नाराज हो गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव के दौरान कुलदीप बिश्नोई ने अपने प्रचार में मनोहर लाल खट्टर की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं किया। बाद में खट्टर खुद दिल्ली स्थित कुलदीप बिश्नोई के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे थे।
रेखा शर्मा के बयान पर भी मचा था विवाद
24 अप्रैल 2025 को नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद राजनीतिक बवाल मच गया। बाद में रेखा शर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कुलदीप बिश्नोई को मनाने उनके आवास पहुंचे थे।
