• खट्टर चला रहे सरकार, भाजपा बिगाड़ रही भाईचारा

इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर तीखा हमला बोला। आरोप लगाया कि हरियाणा में नायब सैनी मुख्यमंत्री नहीं है, बल्कि मनोहर लाल खट्टर सरकार चला रहे हैं। हिसार के चनौत (चैनत) गांव में हुए इश्यू से इसका अंदाजा लगाना चाहिए।

चौटाला ने कहा कि वहां मुख्यमंत्री ने टी लगवाई थी और मनोहर लाल ने हटवा दी। बाद में फिर मनोहर लाल ने ही टी लगवाई। आरोप लगाया कि नायब सैनी बहरूपिये हैं। अपने क्षेत्र की परवाह नहीं है और पंजाब में पगड़ी पहनकर घूम रहे हैं। उनके पास कोई काम नहीं बचा, कहीं न कहीं टाइम पास तो करेंगे ही।

कार्यकर्ताओं की लगाई ड्यूटी

चौटाला आज दोपहर को कुरुक्षेत्र के सेक्टर-7 पूर्व विधायक शेर सिंह बड़ाशामी के घर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने पिपली रोड पर एक पैलेस में पहुंचकर 27 सितंबर को ताऊ देवीलाल जयंती का न्योता दिया। साथ ही कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर कार्यक्रम के लिए ड्यूटी लगाई।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बयानों पर भी हमला

अभय चौटाला ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बयानों को लेकर कहा कि भाजपा के नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे प्रदेश में विवाद खड़ा हो रहा है। आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो और हरियाणा का भाईचारा कमजोर हो। भाजपा लोगों को बांटने और लड़ाने की कोशिश कर रही है।

बोले- कानून व्यवस्था का दिवाला पिटा

अभय चौटाला ने हरियाणा की कानून व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का दिवाला पिटा हुआ है। जीवन कुंडू हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया और उन्हें भागने का मौका दिया।

लोग धरने पर बैठने को मजबूर हो रहे

उन्होंने कहा कि इस वजह से हजारों लोग धरने पर बैठने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री को मामले में तुरंत संज्ञान लेकर एसपी को सख्त निर्देश देने चाहिए थे और आरोपियों को गिरफ्तार करवाना चाहिए था। जब आरोपी की लोकेशन तक पुलिस को मिल रही है, इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो रही तो यह गंभीर सवाल है।

पेंशन पर सरकार को घेरा

अभय चौटाला ने बुजुर्गों की पेंशन में 1 लाख 80 हजार रुपए की आय सीमा लगाए जाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल ने पेंशन बुजुर्गों के सम्मान के लिए शुरू की थी। इसमें बुजुर्ग की उम्र देखी जाती थी, उसकी जमीन या परिवार की आय नहीं। सरकार से इस शर्त को तुरंत हटाना चाहिए।

सरकार नहीं हटाती को सबको बराबर करे

उन्होंने कहा कि सरकार अगर इस शर्त को नहीं हटाती, तो यह सब पर लागू होनी चाहिए। इसमें सारे IAS, IPS, विधायक, मंत्री और सांसदों को शामिल करे। उन पर इस शर्त को लागू किया जाए। पेंशन पर लगी शर्तों को अगर सरकार ने वापस नहीं लिया तो 25 सितंबर को चौधरी देवीलाल जयंती पर इनेलो बड़ी घोषणा करेगी।

बोले- विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा

अभय चौटाला ने कहा कि विधानसभा के आगामी सत्र में पेंशन का मुद्दा उठाया जाएगा। इनेलो सरकार को 1 नवंबर तक का समय कर अल्टीमेटम दे रही है। बुजुर्गों का सम्मान बहाल कराने के लिए इनेलो हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी और जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरेगी।