• शहरी जिला-अध्यक्ष पहले ही इस्तीफा दे चुके

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के बीच हिसार कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज हो गई हैं। हरियाणा के सात जिलों में जिलाध्यक्षों के चयन के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद अब हिसार में नए जिलाध्यक्ष को लेकर राजनीतिक हलकों में मंथन शुरू हो गया है।

इसी बीच उकलाना विधायक नरेश सेलवाल का नाम हिसार जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार के रूप में चर्चा में है। पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान जिले में संगठन को नई मजबूती देने के लिए किसी सक्रिय एवं राजनीतिक रूप से प्रभावशाली चेहरे को जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर सकता है।

हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से नरेश सेलवाल के नाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल इसे राजनीतिक चर्चाओं और संभावनाओं के रूप में ही देखा जा रहा है।

दो बार विधायक रह चुके हैं सेलवाल

नरेश सेलवाल वर्तमान में उकलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। इससे पहले भी वह वर्ष 2009 में विधायक रह चुके हैं। दो बार विधायक रहने के अलावा संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में उनके लंबे अनुभव को उनकी संभावित दावेदारी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। हाल के दिनों में भी वह उकलाना हलके के साथ-साथ हिसार जिले की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आए हैं।

संगठन में बदलाव की मांग के बीच चर्चा

हिसार कांग्रेस के ग्रामीण और शहरी संगठन में लंबे समय से बदलाव को लेकर चर्चाएं चलती रही हैं। ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल की कार्यप्रणाली को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठने तथा शहरी जिला अध्यक्ष बजरंग दास के इस्तीफे के बाद संगठन में नए सिरे से बदलाव की मांग को बल मिला है। ऐसे में संगठन सृजन अभियान को हिसार कांग्रेस में नई टीम तैयार करने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

 

हुड्डा खेमे से नजदीकी भी चर्चा में

राजनीतिक हलकों में नरेश सेलवाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ नजदीकी को भी उनकी संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, हिसार के सांसद चौधरी जयप्रकाश के साथ भी सेलवाल के राजनीतिक तालमेल की चर्चा रहती है।

जयप्रकाश को भी हुड्डा के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में यदि सेलवाल को जिला संगठन की जिम्मेदारी मिलती है तो इसे हिसार कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा सकता है।

फैसला हाईकमान के हाथ में

फिलहाल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजरें हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं। पार्टी के सामने एक ओर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न गुटों के बीच संतुलन साधने की भी परीक्षा है।

ऐसे में नए जिलाध्यक्ष का चयन कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि नरेश सेलवाल को हिसार जिला कांग्रेस की कमान मिलती है तो यह केवल जिलाध्यक्ष पद पर बदलाव नहीं होगा, बल्कि जिले में कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक शक्ति संतुलन में भी अहम परिवर्तन माना जाएगा।