- केंद्रीय मंत्री ने कहा था- मुझे प्रोग्राम में नहीं बुलाया
केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन में भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई आ गए हैं। उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा कि संगठन में नई पीढ़ी और नए चेहरों को आगे बढ़ाना जरूरी है। साथ ही, दूसरी-तीसरी पंक्ति के नेताओं को तैयार किया जाना चाहिए। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वरिष्ठ नेताओं की अहमियत कम की जाए या उन्हें नजरअंदाज महसूस कराया जाए।
एक दिन पहले गुरुग्राम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने राव इंद्रजीत सिंह ने कहा था कि उन्हें विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं दिया गया। भाषण देने वालों में भी उनका नाम नहीं था। उन्होंने यह भी सवाल किया था कि इसके बावजूद उनका यहां आना ठीक है क्या?
- राव इंद्रजीत को बताया अनुभवी और सम्मानित नेता: कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह देश और हरियाणा की राजनीति के बेहद वरिष्ठ, अनुभवी और सम्मानित नेता हैं। हरियाणा में भाजपा सरकार बनाने, पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
- नई पीढ़ी को आगे बढ़ाएं, लेकिन वरिष्ठों की अनदेखी न हो: उन्होंने कहा कि संगठन में नई पीढ़ी और नए चेहरों को आगे बढ़ाना जरूरी है, लेकिन इसका मतलब वरिष्ठ नेताओं का राजनीतिक कद कम करना या उन्हें उपेक्षित महसूस कराना नहीं होना चाहिए। वरिष्ठ नेताओं का दशकों का राजनीतिक अनुभव पार्टी की अनमोल संपत्ति है। पार्टी को उनके अनुभव और जनाधार का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
- वरिष्ठों की अनदेखी संगठन को कमजोर करती है: उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी या उनके सम्मान को लेकर गलत संदेश देना संगठन को मजबूत करने के बजाय कमजोर करता है। हरियाणा की राजनीति में राव इंद्रजीत सिंह का बड़ा कद और व्यापक जनाधार है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से राव साहब का दिल से सम्मान करते हैं।
- वरिष्ठों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा साथ जरूरी: बिश्नोई ने कहा कि भाजपा की ताकत वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव और युवा नेतृत्व की ऊर्जा के तालमेल में है। वरिष्ठों का सम्मान और नई पीढ़ी को अवसर दोनों साथ-साथ चलने चाहिए।
- लोकल लोगों को नहीं बुलाया, मुझे आपत्ति: राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में लोकल लोगों को नहीं बुलाया गया, जिस पर उन्हें आपत्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर 14 अगस्त को विभाजन दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है, इसलिए वह कार्यक्रम में पहुंचे।
- क्या मेरा यहां आना उचित था?: राव ने सवाल किया कि कार्यक्रम करने वाले क्षेत्र के सांसद को आमंत्रित नहीं कर सकते तो क्या उनका यहां आना उचित था। उन्होंने कहा कि भाजपा के टिकट पर छह बार उन्होंने पंजाबी समाज से वोट मांगे और लोगों ने उन्हें जिताया, लेकिन कार्यक्रम कराने वाले उन्हें अपना नहीं समझते।
- पीड़ित लोग ज्यादातर हरियाणा आए: उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान पीड़ित लोगों में से ज्यादातर हरियाणा आए थे और हरियाणा के लोगों ने उनका स्वागत किया। पंजाब के लोग भी आज हरियाणा में बसे हुए हैं।
- हरियाणा से बने सेना के दो चीफ: राव इंद्रजीत ने कहा कि हरियाणा पहला प्रदेश है, जहां से सेना के दो चीफ बने हैं। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल सुहाग और लेफ्टिनेंट जनरल कपूर का नाम लिया।
- पार्टी का कार्यक्रम नहीं होता तो मुझे नहीं बुलाते: राव ने कहा कि अगर यह भाजपा का कार्यक्रम नहीं होता तो उन्हें यहां बुलाया भी नहीं जाता। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उनके भाषण का जिक्र तक नहीं था।
