- अब उनसे नाराज नहीं हूं
भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हरियाणा की कुछ महिला पहलवानों के आरोपों से उन्हें देशभर में पहचान मिली, इसलिए वह उनसे नाराज नहीं हैं। रामायण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह कैकेयी के कारण राजा राम को भगवान राम के रूप में पहचान मिली, उसी तरह पहलवानों के आरोपों ने उन्हें भी पूरे देश में पहचान दिलाई। इन्होंने उत्तर प्रदेश से निकालकर हरियाणा में भी हीरो बना दिया।
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह रविवार को महेंद्रगढ़ जिले पाथेड़ा गांव में इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी सचिन तंवर के राजस्थान पुलिस में DSP पद पर प्रमोट होने पर स्वागत समारोह में पहुंचे थे।
बता दें कि बृजभूषण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी महीने की 3 तारीख को बरी कर दिया था।
पहले लाखों रुपए मिलते थे, अब चवन्नी का टोटा
बृजभूषण सिंह ने मंच से संबोधित करते हुए कहा, “पहले जिन महिला पहलवानों का विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मान होता था, अब उनकी स्थिति बदल गई है। पहले उन्हें लाखों रुपए मिलते थे, अब चवन्नी का भी टोटा हो रहा है। अब इन्हें कोई बुलाता भी नहीं। इन्होंने मुझे फेमस किया, इसलिए गुस्सा होने की जरूरत नहीं है।”
5 भाइयों और जवान बेटे की चिता जलाई
बृजभूषण सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, “मैंने अपने पांच भाइयों और एक जवान बेटे को चिता देने का काम किया है। मैंने अपने सामने अपना घर गिरते देखा है। मेरे ऊपर जो पहला मुकदमा दर्ज हुआ, वह मेरे ही घर को गिराने का था।”
दाऊद से नाता जोड़ने का लगाया था आरोप
उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के समय CBI ने सबसे पहले उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि 1996 में कांग्रेस की सरकार थी और उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम की मदद की है। उन्होंने कहा, “मैं जेल में बैठे-बैठे सोच रहा था कि दाऊद से मेरा कोई नाता नहीं है और नरसिंह राव ने मुझे जेल भेज दिया। बाद में मुझे पता चला कि मेरी पत्नी सांसद बनी, इसलिए मुझे जेल भेजा गया।”
