• पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस की हार पर खोली पोल

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा सिरसा जाते समय फतेहाबाद में रुके। यहां उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए 2024 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की सरकार न बनने के कारणों और पार्टी की अंदरूनी कमियों पर खुलकर चर्चा की।

कुलदीप शर्मा ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस को फिर से सत्ता में आने के लिए 2005 के दौर जैसी मजबूत राजनीतिक व्यवस्था बनानी होगी। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में कांग्रेस ने 90 में से 67 सीटें जीती थीं। उस समय पार्टी को समाज के हर वर्ग और हर जाति का साथ मिला था।

चौधरी भजन लाल, पंडित चिरंजीलाल, बीरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, कैप्टन अजय यादव और अवतार सिंह भड़ाना जैसे बड़े नेताओं के सामूहिक नेतृत्व से ही कांग्रेस को इतनी बड़ी जीत मिली थी। उन्होंने पार्टी के चुनाव अभियान पर सवाल उठाए।

एकजुटता के संदेश को अनदेखा किया

शर्मा ने कहा कि ‘अमुक व्यक्ति की सरकार बनाएंगे’ जैसे नारे लगाने के बजाय ‘कांग्रेस की सरकार बनाएंगे’ का नारा देना चाहिए था। इससे जनता में सामूहिक नेतृत्व और एकजुटता का संदेश जाता, लेकिन इसे अनदेखा किया गया।

कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी फैली

टिकट बांटने में हुई कमियों पर शर्मा ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले एक बैठक में सभी 29 मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट देने का फैसला लिया गया। जबकि बाकी सीटों के लिए 800 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने 20-20 हजार रुपए की फीस भरकर आवेदन किया था। इस फैसले से कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी फैली, जिसका सीधा असर चुनाव नतीजों पर पड़ा।

कांग्रेस की मूल विचारधारा को नुकसान

उन्होंने पार्टी में शामिल हुए अवसरवादी नेताओं पर भी निशाना साधा। शर्मा ने कहा कि जो लोग कपड़ों की तरह पार्टियां बदलते हैं और हवा का रुख देखकर फैसले लेते हैं, उन्हें अहमियत मिलने से कांग्रेस की मूल विचारधारा को नुकसान हुआ है। उन्होंने साफ किया कि वे पार्टी का ‘लोकदलकरण’ नहीं होने देंगे और वफादार कार्यकर्ताओं की आवाज उठाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि आज भी देश और प्रदेश में भाजपा का एकमात्र विकल्प केवल कांग्रेस ही है, लेकिन इसे साबित करने के लिए पार्टी को अपने संगठनात्मक ढांचे और रणनीति में सुधार करना होगा।