- बोलीं-राव इंद्रजीत के नाम से सुर्खियां बटोरने की कोशिश, सभी वर्गों का समर्थन मिला
रेवाड़ी में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री आरती राव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह को सिर्फ एक बिरादरी तक सीमित किए जाने के आरोपों पर खुलकर जवाब दिया है। आरती राव ने साफ शब्दों में कहा कि राव इंद्रजीत सिंह किसी एक समाज के नहीं, बल्कि 36 बिरादरी के नेता हैं। उन्होंने माजरा एम्स का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके लिए राव इंद्रजीत सिंह ने लंबी लड़ाई लड़ी और यह किसी एक बिरादरी के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए है।
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव रेवाड़ी के गांव माहेश्वरी व मीरपुर पहुंची, जहां स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन अजय पाटोला और ब्लॉक समिति चेयरमैन दलवीर सिंह के नेतृत्व में रोड शो भी निकाला गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गांवों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
राव इंद्रजीत को बताया 36 बिरादरी का नेता
मंच से संबोधित करते हुए आरती राव ने अपने पिता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह को केवल एक बिरादरी का नेता बताना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पिता पूरे दक्षिण हरियाणा और 36 बिरादरी के लिए आवाज उठाते हैं।
आरती राव ने कहा, “राव साहब 36 बिरादरी के नेता हैं। यह बात हम सीना ठोककर कह सकते हैं।” उन्होंने माजरा एम्स का उदाहरण देते हुए कहा कि एम्स किसी एक जाति या समाज के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और सभी लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह ने एम्स के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी एक बिरादरी के वोट से नहीं बनती और उनके परिवार को हमेशा सभी वर्गों का समर्थन और आशीर्वाद मिला है। आरती राव ने कहा कि उनके परिवार ने हमेशा सभी लोगों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है।
बोलीं- राव के नाम का सहारा लेकर सुर्खियां बटोर रहे
दक्षिण हरियाणा की राजनीति में हर मुद्दे को राव इंद्रजीत सिंह से जोड़े जाने के सवाल पर आरती राव ने कहा कि कुछ नेता अपने काम और उपलब्धियों के बजाय राव इंद्रजीत सिंह के नाम का सहारा लेकर सुर्खियां हासिल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही राव इंद्रजीत सिंह का नाम लिया जाता है, मीडिया का ध्यान उस ओर चला जाता है।
जीत का श्रेय जनता को दिया
आरती राव ने अपने विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के आखिरी दौर तक स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन उन्हें जनता के आशीर्वाद पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय क्षेत्र के लोगों के विश्वास और समर्थन को दिया।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानने की सीख दी है। “हार जाने और हार मानने में बहुत अंतर है। मेरे परिवार ने मुझे कभी हार मानना नहीं सिखाया,” आरती राव ने कहा।
किसी का इलाज राजनीतिक पहचान देखकर न हो
स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने का जिक्र करते हुए आरती राव ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना उनके लिए सेवा और पुण्य का काम है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का इलाज उसकी राजनीतिक या सामाजिक पहचान देखकर नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि उनकी कोशिश है कि लोगों को अच्छे इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे लोगों को बेहतर और भरोसेमंद इलाज मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान आरती राव ने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनके समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की जरूरतों और समस्याओं को लेकर वह आगे भी उनके बीच आती रहेंगी और सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ा ऐलान
स्वास्थ्य मंत्री ने मीरपुर दौरे के दौरान गांव में स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने बताया कि वेदांता के साथ हुए समझौते के तहत मीरपुर सीएचसी में महिलाओं और बच्चों के लिए जल्द ही विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक मशीनें और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वेदांता सीएचसी की बिल्डिंग को भी दुरुस्त करवाएगा।
उन्होंने कहा कि गांव की पंचायत ने यूनिवर्सिटी और सीएचसी के लिए अपनी जमीन दी है, जिसके कारण पंचायत के पास अब सीमित जमीन बची है। ग्रामीणों की मांग पर सीएचसी के लिए दी गई 12 एकड़ जमीन में से कुछ हिस्सा वाटर बूस्टिंग प्लांट के लिए उपलब्ध कराने पर उन्होंने सहमति जताई।
यूसीसी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में थोपे जाने संबंधी स्थिति की जानकारी नहीं है। वहीं, लोगों की आवाज उठाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों के हक और हित की बात उठाना उनके परिवार का हमेशा उद्देश्य रहा है और वह भी लोगों की आवाज के साथ अपनी आवाज जोड़ने की पूरी कोशिश करेंगी।
