- युवा अब डरने वाले नहीं
कैथल पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग जैसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंताजनक हैं। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।
सुरजेवाला गांव गुहणा में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे, जहां ग्रामीणों ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप चहल के नेतृत्व में उनका स्वागत किया।
सुरजेवाला ने कहा कि यदि माता-पिता से कोई गलती हो जाती है तो वे अपने बच्चों से माफी मांगते हैं। इसी तरह सरकार को भी युवाओं से कहना चाहिए कि उनसे गलती हुई है और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया और बाद में उन्हें ही माफ करने की बात कही गई, जो उचित नहीं है।
युवाओं को डराने की कोशिश की जा रही
कांग्रेस नेता ने कहा कि देशभर में युवाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को धमकियां दी जा रही हैं, उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवाए जा रहे हैं और उनका भविष्य खराब करने की बात कही जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि युवा अब डरने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
युवाओं का कोई धर्म या जाति नहीं होती
सुरजेवाला ने कहा कि युवा किसी धर्म, जाति या क्षेत्र से नहीं, बल्कि अपनी शिक्षा और योग्यता से पहचाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब मिलेगा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी सरकार को घेरा
अपने संबोधन में सुरजेवाला ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
गुहणा में हुआ नागरिक अभिनंदन
गांव गुहणा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने रणदीप सुरजेवाला का नागरिक अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
