• सांसद ने सज्जन कुमार को बताया था मिसाल

हरियाणा ब्रेकिंग न्यूज :  हरियाणा कांग्रेस में पहली बार पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा परिवार के खिलाफ विरोध के स्वर खुलकर उभरे हैं। विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेटर लिखा है। जिसमें रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) से तुरंत हटाने की मांग की।

दरअसल, पूरा मामला दीपेंद्र हुड्डा के एक बयान से जुड़ा है। जिसमें उन्होंने सज्जन कुमार के निधन पर शोक जताते हुए कहा था-हमारे पूरे देश में उनकी मिसाल दी जाती है। पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को 1984 में हुए सिख दंगों कोर्ट ने उम्रकैद की सजा हुई थी। 20 अगस्त को जेल में ही मौत हो गई।

दिलचस्प है, पूर्व स्पीकर के इस लेटर को अटैच करते हुए भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर एक पोस्ट की। जिसका टाइटल लिखा-‘दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ कांग्रेस के भीतर उठी आवाज’।

कुलदीप शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के समधी हैं। उनकी समधन शक्ति रानी शर्मा कालका से BJP विधायक हैं, जबकि दामाद कार्तिकेय शर्मा BJP के समर्थन से राज्यसभा सांसद बने।

पहले जानिए…कुलदीप ने लेटर में क्या लिखा

  1. सिख समाज में भारी नाराजगी: कुलदीप शर्मा ने अपने लेटर में लिखा- दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ बताने वाले बयान से देश, पंजाब, हरियाणा और विदेश में बसे सिख समुदाय के भीतर गहरा रोष पैदा हुआ है। किसान आंदोलन के बाद सिख समाज ने कांग्रेस पर भरोसा जताया था, लेकिन इस बयान से उनके जख्म फिर हरे हो गए हैं।
  2. पंजाब चुनाव पर पड़ेगा असर: पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दिए गए इस ‘गैर-जिम्मेदाराना और अपरिपक्व’ बयान से पार्टी को बड़ा राजनीतिक नुकसान हो सकता है। विरोधी दल इसका राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं।
  3. CWC से हटाने की मांग: पूर्व स्पीकर ने लिखा-कांग्रेस पार्टी ने पहले ही सज्जन कुमार से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया था। सिख समुदाय के भरोसे को फिर से बहाल करने और पार्टी की मंशा स्पष्ट करने के लिए दीपेंद्र हुड्डा को CWC के स्थायी सदस्य पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

अब पढ़िये दीपेंद्र हुड्डा का वो बयान, जिस पर विवाद…

दीपेंद्र हुड्डा 20 अगस्त को दिल्ली में सज्जन कुमार के घर उन्हें श्रद्धांजलि देने गए थे। जहां उन्होंने ये बयान दिया- देश के राजनीतिक क्षितिज पर ऐसी क्षति हुई है जिसकी पूर्ति संभव नहीं हो सकती। सज्जन कुमार जी न सिर्फ दिल्ली, दिल्ली देहात बल्कि पूरे उत्तर भारत की ऐसी शख्सियत थे जिनका लोगों से जो जुड़ाव था, वह एक मिसाल हैं। हमारे पूरे देश में उनकी मिसाल दी जाती है। वह किस तरीके से लोगों के सुख-दुख को निभाने वाले थे और दिल्ली के विकास में जो उनका योगदान रहा है, वह आज तक याद किया जाता है तथा उसके उदाहरण दिए जाते हैं।

22 अगस्त को दीपेंद्र ने इस पर सफाई दी… गुरुग्राम में मीडिया से बातचीत में दीपेंद्र हुड्डा ने अपने बयान को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा- इस शब्द का प्रयोग मैंने किया ही नहीं। मेरी न ही कोई ऐसी भावना नहीं थी। जो लोग भाईचारे की भावना तोड़कर राजनीति करना चाहते हैं, उन लोगों द्वारा ये शब्द मेरे मुंह में डाला जा रहा है। मेरी कोई भी भावना किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। आज तक सिख समाज से हमारा भाईचारा है। मेरे परिवार का भी सिख समाज से जुड़ाव है। कभी भी सिख भाइयों की बात आई, हमने हमेशा स्टैंड लिया है। 1984 के दंगों में भी हमने कहा था कि बहुत बड़ा अन्याय हुआ। उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

बेटे के टिकट पर हुड्डा से बिगड़ी

कुलदीप शर्मा की गिनती कभी भूपेंद्र हुड्डा के करीबियों में होती थी। हुड्डा सरकार के दोनों कार्यकाल में उनकी खूब चली। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कुलदीप शर्मा बेटे चाणक्य शर्मा की सियासी लॉन्चिंग करना चाह रहे थे।

उन्होंने करनाल लोकसभा सीट पर बेटे के लिए कांग्रेस का टिकट पाने के लिए जोर लगाया। पार्टी ने यहां से हुड्डा खेमे के दिव्यांशु बुद्धिराजा को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद हुड्डा व कुलदीप के संबंधों में खटास बढ़ी। अब कुलदीप शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और सांसद कुमारी सैलजा के साथ मंचों पर दिखते हैं।

लेटर कैसे लीक हुई…इस पर क्या बोले कुलदीप कुलदीप शर्मा ने कहा-मैंने तो पार्टी अध्यक्ष को लिखा है, मीडिया में यह कैसे आया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मीडिया के लोग इसे कहां से ढूंढकर लाए है, मुझे खुद ताज्जुब है। जहां मैं रहता हूं करनाल, वहां पर सिख समुदाय के लोगों की अच्छी संख्या है। काफी लोगों ने मुझे फोन पर इस बयान के लिए कहा, जिसके बाद मैंने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि वे जनभावनाओं के अनुसार फैसला भी लेंगे।