• करनाल में बृजभूषण को लेकर कहा- जिसकी सोच छोटी, उसके बारे में कुछ नहीं कहना

हरियाणा के करनाल में रविवार को योग बाबा रामदेव छात्रावास का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान मीडिया द्वारा योगगुरु बाबा रामदेव से राहुल गांधी और बृजभूषण शरण को लेकर पूछे गए सवालो पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

राहुल गांधी के आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि देश लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चलता है। वहीं, बृजभूषण सिंह के उनके खिलाफ दिए गए बयानों पर रामदेव ने कहा कि वे ऐसे लोगों की बातों पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते।

राहुल गांधी के आंदोलन पर रामदेव बोले- सत्ता चाहिए तो वोट लेकर आएं

राहुल गांधी के आंदोलन को लेकर बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोग सड़क से संसद तक हंगामा और अराजकता करके सत्ता हासिल करना चाहते हैं। अगर प्रधानमंत्री बनना है तो जनता के वोट से बनकर आना चाहिए। रामदेव ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन देश की व्यवस्था संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलनी चाहिए।

5-7 साल के बच्चों को थाने घेरने के लिए कहना ठीक नहीं

बाबा रामदेव ने राहुल गांधी के छात्र संपर्क और आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि पांच, सात या दस साल के बच्चों को थाने, डीएम या एसएसपी कार्यालय घेरने के लिए कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना है तो 18 साल से अधिक उम्र के लोग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करें। बच्चों को इस तरह के राजनीतिक आंदोलनों से दूर रखना चाहिए।

बृजभूषण के बयान पर रामदेव का पलटवार

बृजभूषण शरण सिंह के उनके खिलाफ बोलने को लेकर सवाल पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने कहा कि जिस व्यक्ति की सोच छोटी या घटिया है, उसके बारे में वे कुछ नहीं कहना चाहते। रामदेव ने अपने काम का जिक्र करते हुए कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के क्षेत्र में उन्होंने जो योगदान दिया है, वही उनकी पहचान है।

मेरा काम ही मेरा जवाब : रामदेव

बृजभूषण के बयान पर सीधे जवाब देने के बजाय बाबा रामदेव ने अपने काम को सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश में योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने तथा स्वदेशी के लिए उन्होंने लगातार काम किया है। इस दौरान उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था, सनातन संस्कृति, अंग्रेजी शिक्षा और देश में चुनाव व्यवस्था को लेकर कई तीखे बयान दिए। बाबा रामदेव ने कहा कि देश को शिक्षा, चिकित्सा, भाषा और वैचारिक गुलामी से बाहर निकालने की जरूरत है।

बाबा रामदेव ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने भारतीय संस्कारों और संस्कृति पर आधारित गुरुकुलीय शिक्षा व्यवस्था की नींव रखी थी। आज उसी व्यवस्था को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही देश का निर्माण होगा और शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीक का समावेश होना चाहिए।