• राव इंद्रजीत का पलटवार-वाटरलॉगिंग के लिए कांग्रेस जिम्मेदार

गुरुग्राम में मानसून के दौरान होने वाले भारी जलभराव को लेकर राजनीति गरमा गई है। विपक्षी नेताओं द्वारा जलभराव रोकने को लेकर पूछे जा रहे सवालों के बीच सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इस गंभीर समस्या के लिए सीधे तौर पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में सालों से जलभराव हो रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि उन पुराने, पारंपरिक नालों पर निर्माण कार्य कर दिया, जो पहाड़ों से पानी को यमुना तक ले जाते थे। कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुए इस विकास के परिणाम हम आज भी भुगत रहे हैं।

इसे ठीक करने का अब एकमात्र तरीका यह है कि पानी को उन मूल रास्तों से निकालने के लिए पुराने नालों के रास्तों पर मेट्रो की तर्ज पर अंडरग्राउंड टनल का निर्माण किया जाए। अभी हम जो कर रहे हैं वह केवल एक ‘अस्थायी समाधान’ (बैंड-एड सॉल्यूशन) है। इससे कुछ राहत तो मिलती है, लेकिन अगर हम एक जगह पानी रोकते हैं, तो वह दूसरी जगह से निकलने का रास्ता ढूंढ लेता है। सरकार इस पर काम कर रही है और हम जरूरी फंड की व्यवस्था कर रहे हैं।

सुरजेवाला बोले-आईटी हब अब भारत का बाढ़ हब

वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 12 सालों से भाजपा ने गुरुग्राम को कचरे का ढेर, गटर और बाढ़ ग्रस्त शहर बना दिया है। नायब सैनी ने 1400 करोड़ रुपये खर्च किए और बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन असलियत में क्या हो रहा है?

स्कूल बसें बाढ़ के पानी में तैर रही हैं। बच्चे 6 घंटे तक फंसे रहे; वे रो रहे हैं। लेकिन 6 घंटे बाद क्रेन की मदद से स्कूल बसों को बाहर निकाला जा रहा है। कोई वाहन नहीं चल पा रहा है; लोग काम पर जाने में असमर्थ हैं। भारत का आईटी हब गुरुग्राम अब भारत का ‘बाढ़ हब’ बन चुका है।

नायब सैनी गुरुग्राम में इन्वेस्टर्स समिट कर रहे थे और अब वह गायब हैं। ‘वर्क फ्रॉम होम’ का आदेश जारी कर दिया गया है। मुझे लगता है कि गुरुग्राम के प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड लगा दिया जाना चाहिए कि गुरुग्राम आने वाले या रहने वाले सभी लोग केवल ‘वर्क फ्रॉम होम’ करें, और अपने घर से बाहर कदम न रखें।

रणदीप सुरजेवाला ने सवाल पूछा कि गुरुग्राम में फैला हुआ अंधाधुंध भ्रष्टाचार इसके लिए जिम्मेदार है… वहां ट्रिपल-इंजन की सरकार है। आखिर जवाबदेही कब तय होगी?…”

अस्थाई उपायों से नहीं मिल रहा पूरा फायदा

सांसद ने माना कि प्रशासन द्वारा जलभराव को रोकने के लिए किए जा रहे तात्कालिक प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। फिलहाल ड्रेनेज को साफ करने और पानी निकालने के जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, उनका बहुत कम फायदा मिल रहा है। स्थिति यह है कि जब हम एक जगह से पानी निकासी की व्यवस्था ठीक करते हैं, तो दूसरी जगह जलभराव की नई समस्या खड़ी हो जाती है।

केवल नालों की सफाई या छोटे-मोटे बदलावों से इस संकट का स्थाई समाधान संभव नहीं है।

इफ्को चौक पर धंसी हाईवे की सर्विसलेन

वहीं एनएच-48 पर इफ्को चौक के पास सड़क धंसने से बड़ा गड्‌ढा हो गया है। एनएचएआई की तरफ से बताया गया कि सुरक्षा उपाय के तौर पर प्रभावित क्षेत्र को तुरंत बैरिकेड कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि उस स्थान के नीचे जीएमडीए की सीवर लाइन से रिसाव हो रहा है, जिसके कारण मिट्टी का कटाव हुआ और सड़क धंस गई।

एनएचएआई ने तुरंत सुधार के लिए इस मामले को जीएमडीए के समक्ष उठाया है, क्योंकि इस समस्या से आसपास के निर्माणों को खतरा हो सकता है। जीएमडीए और एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है, और प्राथमिकता के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, एनएचएआई की टीम द्वारा 4 ट्रैक्टर चालित पंपों के जरिए सिंकहोल से पानी निकालने का काम चल रहा है।

ट्रैफिक में कोई बड़ी बाधा नहीं है और यातायात को उसी खंड पर दूसरी सर्विस रोड की ओर डाइवर्ट कर दिया गया है।

चार विभागों की जिम्मेदार, चारों फेल गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण : बड़े बरसाती नाले और मुख्य सड़कों का प्रबंधन की जिम्मेदारी मानसून से ठीक पहले तक बड़े नालों की गाद साफ कराने की पर यह काम ठीक से नहीं हुआ। नगर निगम : अंदरूनी कालोनियों, सेक्टरों की सड़कें और छोटे नालों की सफाई कराने की जिम्मेदारी पर सफाई आधी अधूरी हुई एनएचएआई : दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे और उसके सर्विस लेन की देखरेख, एनएचएआइ ने ड्रेनों की सफाई समय से नहीं कराई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण : नए सेक्टर्स का लेआउट, ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना। जो भविष्य को देखते हुए अपना काम करने में सफल नहीं रहा जो ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया वह 30 एमएम से अधिक वर्षा होने पर फेल हो जाता है।

सांसद दीपेंद्र ने कहा-भाजपा के तीनों ईंजन फेल

वहीं सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के मानेसर के जाम में फंसने का वीडियो शेयर कर लिखा कि मुख्यमंत्री जी गुरुग्राम आते हैं तो काले झंडे देखकर तुरंत भड़क जाते हैं। लेकिन शहर की बदहाल ड्रेनेज, जलभराव, टूटी सड़कें, ट्रैफिक जाम और कचरे के ढेर देखकर उन्हें बिल्कुल भी गुस्सा नहीं आता। मिलेनियम सिटी में जरा सी बारिश होते ही मरीन सिटी बन जाता है। पानी में तैरती बस और कारें, घंटों जाम में फंसे लोग इस बात की गवाही हैं कि गुरुग्राम में भाजपा के तीनों ईंजन फेल हो चुके हैं और भाजपा सरकार धक्का स्टार्ट गाड़ी बनकर रह गई है।