1984 सिख विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन पर दिए बयान को लेकर घिरे सांसद दीपेंद्र हुड्डा की सफाई पर सियासी घमासान तेज हो गया है। दीपेंद्र के बयान और फिर उनके स्पष्टीकरण को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने उन पर करारा हमला बोला है।

अभय सिंह चौटाला ने हिसार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि दीपेंद्र हुड्‌डा कोई बच्चा है क्या कोई भी उसके मुंह में आकर बात डाल देगा। ये लॉली पॉप थोड़ा ना है किसी ने दी और मुंह में डाल ली। यह कोई लॉलीपॉप थोड़ा न है कि किसी ने दी और मुंह में डाल ली।

दरअसल, 20 अगस्त को दिल्ली में सज्जन कुमार के निधन पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे दीपेंद्र हुड्डा ने कहा था कि ‘सज्जन कुमार का लोगों से जुड़ाव एक मिसाल था और पूरे देश में उनके योगदान के उदाहरण दिए जाते हैं।’ इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चौतरफा आलोचना शुरू हुई थी।

अभय चौटाला बोले-देवीलाल ने सिख दंगे रूकवाए

अभय ने आगे कहा कि 1984 के दंगों से आहत सिख समाज के साथ उस दौर में अगर कोई मजबूती से खड़ा हुआ था, तो वे चौधरी देवीलाल थे। देवीलाल उस समय शरद यादव, संपत सिंह और केसी त्यागी के साथ दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर बैठकर दंगों को रोकने का काम कर रहे थे।

उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह से मिलकर देश को आग में झुलसने से बचाने की गुहार लगाई थी। अभय चौटाला ने कहा कि देवीलाल ही दंगे रूकवाने के लिए लोगों के बीच जाकर खड़े हुए थे।

बवाल मचा तो पूर्व स्पीकर ने खड़के को पत्र लिखा

दीपेंद्र हुड्‌डा के इस बयान के बाद विधानसभा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेटर लिखा। जिसमें रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) से तुरंत हटाने की मांग की। इसके बाद पूर्व स्पीकर के इस लेटर को अटैच करते हुए भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर एक पोस्ट की थी। जिसका टाइटल लिखा-‘दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ कांग्रेस के भीतर उठी आवाज’।

बयान पर बवाल के बाद दीपेंद्र ने दी थी सफाई

20 अगस्त को दिल्ली में सज्जन कुमार के निधन पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे दीपेंद्र हुड्डा ने कहा था कि ‘सज्जन कुमार का लोगों से जुड़ाव एक मिसाल था और पूरे देश में उनके योगदान के उदाहरण दिए जाते हैं।’

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चौतरफा आलोचना शुरू हुई, तो 22 अगस्त को दीपेंद्र ने सफाई देते हुए कहा था “यह शब्द मेरे मुंह में डाला गया है। मेरी ऐसी कोई भावना नहीं थी। राजनीति करने वाले लोग भाईचारा तोड़ना चाहते हैं।

हमारे परिवार का सिख समाज से गहरा जुड़ाव रहा है और 1984 के पीड़ितों को न्याय मिलना ही चाहिए।” दीपेंद्र के इसी बयान पर अभय ने तीखी आलोचना की है। दीपेंद्र के इस स्पष्टीकरण पर चुटकी लेते हुए अभय चौटाला ने कहा, “दीपेंद्र हुड्डा कोई बच्चे हैं क्या, जो कोई भी उनके मुंह में आकर बात डाल देगा?।