• कहा- जो छोटूराम के नहीं हुए, वे कांग्रेस के कैसे होंगे

पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और उनके परिवार के साथ चल रही जुबानी जंग के बीच सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया गुरुवार को उचाना पहुंचे। यहां PWD रेस्ट हाउस में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले वीरेंद्र घोघड़िया ने चाय पर मुलाकात कार्यक्रम आयोजित किया।

इस दौरान गोकुल सेतिया ने बीरेंद्र सिंह और उनके बेटे बृजेंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें उचाना नहीं आने की धमकी दे रहे थे। वह यहां रेस्ट हाउस में ही बैठे हैं, बताओ कहां आना है। जो लोग अपने परिवार और सर छोटूराम के नहीं हुए, वे कांग्रेस के कैसे हो सकते हैं। उनका प्रयास रहेगा कि वीरेंद्र घोघड़िया को दोबारा कांग्रेस में शामिल करवाया जाए। इसके लिए जरूरत पड़ी तो हाईकमान के सामने पैर पकड़कर भी प्रार्थना करेंगे।

बता दें कि 2024 के विधानसभा चुनाव में उचाना सीट पर वीरेंद्र घोघड़िया कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने भाजपा छोड़कर आए पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया। बृजेंद्र सिंह भाजपा के देवेंद्र अत्री से महज 32 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए, जबकि वीरेंद्र घोघड़िया ने निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए करीब 31,500 वोट हासिल किए थे।

घोघड़िया ने पार्टी के लिए काम किया

गोकुल सेतिया ने कहा कि एक तरफ वीरेंद्र घोघड़िया ने विपरीत परिस्थितियों में पार्टी को मजबूत करने का काम किया, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग मुश्किल समय में पार्टी छोड़कर चले गए। कांग्रेस हाईकमान को ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए, जो पार्टी के मुश्किल समय में साथ खड़े रहे और जो पार्टी छोड़कर चले गए। धरातल से जुड़े कार्यकर्ताओं को साथ लेकर ही कांग्रेस को मजबूत किया जा सकता है।

कांग्रेस ने सम्मान देने में कमी नहीं छोड़ी

सेतिया ने कहा कि कुछ लोगों ने केवल वोट लेने के लिए सर छोटूराम के नाम का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने मान-सम्मान देने में कभी कमी नहीं छोड़ी। कुछ लोग कांग्रेस में बड़े पदों के नजदीक पहुंचने के बावजूद भाजपा में चले गए। पार्टी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

कुछ लोग विधायकों के खिलाफ जगह-जगह बयान देते हैं और फिर सद्भावना की बात करते हैं। उन्हें उचाना आने की चुनौती दी जा रही थी, लेकिन वे उचाना आए हैं और पूरा दिन यहां रहे हैं।

भाजपा नेता अपनी पार्टी की चिंता करें

गोकुल सेतिया ने कहा कि भाजपा के नेताओं को कांग्रेस की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस हाईकमान सभी पहलुओं पर नजर रखता है। चुनाव के समय यह देखा जाता है कि कौन पार्टी के साथ खड़ा रहा और कौन मुश्किल समय में साथ छोड़कर चला गया।

जानें सेतिया और बीरेंद्र सिंह के बीच क्या विवाद

गोकुल सेतिया और बृजेंद्र सिंह के बीच विवाद की शुरुआत तब हुई, जब बृजेंद्र गोकुल के छोटे भाई विभोर की शादी में नहीं पहुंचे। उन्होंने इसकी वजह सद्भावना यात्रा में व्यस्त होना बताया। इससे नाराज गोकुल भी यात्रा के सिरसा पहुंचने पर उसमें शामिल नहीं हुए। बाद में गोकुल ने तंज कसा कि भाजपा में सत्ता का सुख लेने वाले नेता अब कांग्रेस में आकर हरियाणा का राहुल गांधी बनने की कोशिश कर रहे हैं।

अक्टूबर में कांग्रेस ने सिरसा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह को पर्यवेक्षक बनाया। गोकुल ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताई। 8 अक्टूबर को बीरेंद्र सिंह ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया, लेकिन गोकुल शामिल नहीं हुए। अगले दिन कलायत में गोकुल ने बीरेंद्र और बृजेंद्र पर कटाक्ष करते हुए बीरेंद्र को उचाना आने की चुनौती दी। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने नेताओं से सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय पार्टी मंच पर अपनी बात रखने की अपील की।