- SIR सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा
- करनाल पहुंचे पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला
हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम एवं जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने धान खरीद, किसानों के भुगतान, प्रदेश की कानून व्यवस्था और औद्योगिक विकास को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। करनाल दौरे के दौरान वह पहले जुंडला मंडी पहुंचे। इसके बाद उन्होंने करनाल में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली। मीटिंग में 6 दिसंबर को होने वाले पार्टी स्थापना दिवस को लेकर दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कि जिस किसान की फसल सरकार ने 15 दिन पहले खरीद ली, उसे आज तक भुगतान नहीं मिला। पांच साल में पहली बार धान खरीद के इतने खराब हालात देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने राइस मिलर्स की संख्या घटने को लिफ्टिंग में देरी का बड़ा कारण बताया और सरकार से खरीद पूरी होने वाली मंडियों में तुरंत भुगतान करने की मांग की।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दो साल पहले जब प्रदेश में धान की खरीद हुई थी, तब 1462 राइस मिलर्स रजिस्टर्ड थे। इस बार इनकी संख्या घटकर करीब 600 रह गई है। सरकार की पॉलिसी के कारण राइस मिलर्स के रजिस्ट्रेशन कम हुए हैं। इसका सीधा असर धान की लिफ्टिंग पर पड़ा है। मंडियों में धान पड़ा होने के कारण किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि पहले खरीद के 48 घंटे के भीतर किसानों को उनकी फसल का पैसा देने का काम किया जाता था। अब मुख्यमंत्री को तुरंत प्रभाव से खरीद एजेंसियों के लिए लिफ्टिंग का क्लॉज हटाना चाहिए और जहां खरीद पूरी हो चुकी है, वहां किसानों को भुगतान किया जाना चाहिए। दिवाली और त्योहारों के समय किसानों को उनकी मेहनत की कमाई मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के पास पंजाब और विदेश यात्राओं का काम
दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास पंजाब और विदेश यात्राओं के अलावा प्रदेश की व्यवस्था सुधारने का कोई काम दिखाई नहीं देता। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था की हालत किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में सरकार कोई बड़ा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर या औद्योगिक प्रोजेक्ट प्रदेश में लाने में सफल नहीं हुई। मुख्यमंत्री की टीम गुजरात के सूरत में डायमंड नगरी में जाकर इंडस्ट्रियल प्लॉट बेचने की बात कर रही है। जबकि गुरुग्राम में HSIDC के पास 121 एकड़ कमर्शियल जमीन उपलब्ध है। वहां डायमंड हब बनाया जाता तो प्रदेश में व्यापारी और उद्योग आते। उन्होंने सरकार के सलाहकारों को विजनहीन बताते हुए कहा कि प्रदेश को नुकसान पहुंचाने में ऐसे लोगों की भूमिका है।
करनाल में जाम और अधूरे फ्लाईओवर पर सवाल
दुष्यंत चौटाला ने करनाल में जाम की समस्या और अधूरे फ्लाईओवर को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज असंध रोड के रास्ते से आते हुए झिलमिल के पास करीब आधे घंटे तक जाम में खड़ा रहना पड़ा। करनाल में बन रहे रिंग रोड़ का का निर्माण भी सरकार पूरा नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि करनाल के बाईपास का निर्माण पूरा होने और उसका उद्घाटन होने से शहर को कुछ राहत मिल सकती है। स्मार्ट सिटी परियोजना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि 11 साल पहले करनाल स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ था, लेकिन शहर को एलईडी लाइटों और फूलों के अलावा क्या सौगात मिली। उन्होंने पूछा कि करनाल की ऐसी कौन सी सड़क है, जहां पूरी तरह वाई-फाई सुविधा हो, बिजली के तार भूमिगत हों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो। स्मार्ट सिटी के तहत आए पैसे का भी सही इस्तेमाल नहीं हुआ।
SIR में वोट कटने पर चुनाव आयोग को घेरा
दुष्यंत चौटाला ने SIR प्रक्रिया में जल्दबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे करोड़ों लोगों के वोट कटे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों के पहले से वोट बने हुए थे और अब काट दिए गए हैं, उनके लिए वोट दोबारा बनवाने की व्यवस्था क्या है। फॉर्म-6 नए वोटरों के लिए है, जिसमें यह शपथ देनी होती है कि उन्होंने पहले कभी वोट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के BC सेल अध्यक्ष राजेश सैनी और पूर्व सैनिक सेल के अध्यक्ष कर्नल राठी के वोट भी कटे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल किया कि जिन लोगों के वोट कटे हैं, उन्हें दोबारा वोट बनवाने के लिए स्पष्ट प्रक्रिया क्यों नहीं बताई जा रही।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पहले डबल और ट्रिपल वोटिंग के जरिए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में फायदा उठाने की कोशिश होती रही है। अब SIR के माध्यम से ऐसे लोगों को पकड़ने के बजाय तेजी से वोट डिलीट करने का काम किया जा रहा है। उनकी पार्टी वोटर लिस्ट की जांच कर रही है और संदिग्ध वोटों का मिलान किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि वोटर लिस्ट की खामियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ने सामने आकर जवाब नहीं दिया। भाजपा चुनाव आयोग की गलतियों को छिपाने का काम कर रही है।
सड़क पर हक मांगना अराजकता नहीं, अभिव्यक्ति की आजादी
भाजपा द्वारा विपक्ष पर अराजकता फैलाने के आरोपों पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर अपना अधिकार मांगता है तो क्या वह अराजकता है। CET पास युवाओं को नौकरी या 9 हजार रुपए देने का वादा पूरा नहीं होने पर वे सड़क पर उतरकर हक मांगेंगे तो क्या उसे भी अराजकता कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और पत्रकारों के माध्यम से जनता अपनी बात रखती है। यह अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर पुलिस की गाड़ी के अस्थायी नंबर की फोटो डालने पर आधे घंटे बाद सरकार ने मेरे अकॉट से फोटो हटा दी। मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान देने के बाद एक घंटे में वीडियो पर प्रतिबंध लगने का भी दावा किया। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जब-जब लोगों की आवाज दबाई जाती है, तब-तब विरोध बढ़ता है। इतिहास गवाह है कि आवाज दबाने वाली सत्ता को जनता बदलाव के जरिए जवाब देती है।
इंडिया गठबंधन में जाने का कोई प्लान नहीं
इंडिया गठबंधन में शामिल होने के सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्लान नहीं है। उनकी पार्टी पहले NDA के साथ थी, लेकिन 2024 में गठबंधन छोड़ दिया था। पंजाब चुनाव में राजनीतिक सहयोग के सवाल पर उन्होंने कहा कि छह तारीख को महेंद्रगढ़ में साथियों को आमंत्रित किया गया है। वहां पर डॉक्टर साहब जो भी आदेश देंगे उस हिसाब से चलेंगे।
प्रदूषण के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी
दुष्यंत चौटाला ने प्रदूषण के मुद्दे पर भी सरकार और मीडिया को घेरा। उन्होंने कहा कि हर साल पराली जलने और प्रदूषण की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। दिल्ली में प्रदूषण के लिए पाकिस्तान से धुआं आने जैसे दावे किए जाते हैं, जबकि पंजाब और हरियाणा में पराली जलने की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बड़े संस्थानों और प्रोफेसरों की मदद लेकर प्रदूषण से निपटने के वैकल्पिक तरीके खोजने चाहिए। जब तक इस समस्या को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से नहीं संभाला जाएगा, तब तक लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी।
एक महीने बाद महेंद्रगढ़ में स्थापना दिवस
दुष्यंत चौटाला ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एक महीने बाद महेंद्रगढ़ के कॉलेज मैदान में होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने तक पार्टी के साथी जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों और प्रदेश के हालात को बताएंगे। महेंद्रगढ़ की धरती से भाजपा सरकार को जवाब देने का काम किया जाएगा।
