• लक्ष्मण नापा बोले- PM-CM के काम से प्रभावित हुआ, 2024 में रतिया से टिकट कटने पर पार्टी छोड़ी थी

हरियाणा के फतेहाबाद की रतिया सीट से विधायक रहे लक्ष्मण नापा कांग्रेस छोड़ फिर भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने हिसार के उकलाना में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और फतेहाबाद जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थामा।

लक्ष्मण नापा ने सितंबर 2024 में बीजेपी द्वारा रतिया से टिकट काटने पर नाराज होकर बीजेपी छोड़कर कांग्रेस जॉइन कर ली थी। वह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खेमे में रहे। चुनाव के बाद से ही वह कांग्रेस में भी सक्रिय नहीं थे।

अब भाजपा जॉइन करने पर लक्ष्मण नापा ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी की नीतियों से प्रभावित होकर वापस अपने घर (भाजपा) में लौटे हैं। उनके साथ-साथ उनके कई समर्थकों ने भी बीजेपी ज्वाइन की है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को रतिया में और मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

साल 2019 में पहली बार बीजेपी रतिया से जीती

रतिया विधानसभा क्षेत्र से पहली बार लक्ष्मण नापा ही बीजेपी विधायक बने थे। यहां साल 2019 में पहली बार बीजेपी जीत पाई थी। लक्ष्मण नापा ने कांग्रेस उम्मीदवार जरनैल सिंह को 1216 वोटों से हराया था। लक्ष्मण नापा को उस चुनाव में 55 हजार 160 वोट मिले थे, जबकि जरनैल सिंह 53 हजार 944 वोट ले पाए थे।

रतिया में कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका लगा

रतिया में कुछ ही दिनों में यह दूसरा बड़ा झटका लगा है। इससे पहले रतिया के मौजूदा विधायक जरनैल सिंह भी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग में नाम सामने के बाद खुलकर कांग्रेस की खिलाफत करने लगे हैं। वह खुलेआम सीएम नायब सैनी का गुणगान करते नजर आते हैं। ऐसे में अब लक्ष्मण नापा के भी कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को रतिया में बड़ा नुकसान हुआ है।

सुनीता दुग्गल ने बताया था- सत्यानाश करने वाला

सिरसा लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने 19 दिन पहले ही रतिया हलके के गांव रत्ताखेड़ा में कांग्रेस नेता सुभाष खिलेरी के भाजपा में शामिल होने के दौरान आयोजित सभा में लक्ष्मण नापा का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा था।

दुग्गल ने कहा था कि हमने विधायक इसलिए चुना था कि विकास करवाएगा, मगर उसने सत्यानाश कर दिया। इससे पहले सुनीता दुग्गल ने एक जनसभा में लोगों से कहा था कि आप यह कभी नहीं सुनोगे कि आपका विधायक कहीं शराब पी रहा है, कहीं जुआ खेल रहा है, कहीं सट्टा खेल रहा है। यह टिप्पणी भी उन्होंने नापा पर तंज कसते हुए की थी।

कांग्रेस में रहकर भी नहीं थे ज्यादा सक्रिय

लक्ष्मण नापा ने 9 सितंबर 2024 को भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। इसके कुछ दिन बाद वह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए। मगर चुनाव में उन्हें कांग्रेस से भी टिकट नहीं मिली बल्कि जरनैल सिंह को ही उम्मीदवार बनाया गया। चुनाव संपन्न होने के बाद लक्ष्मण नापा कांग्रेस में रहकर भी पार्टी की गतिविधियों में एक्टिव नहीं रहे। न ही किसी मीटिंग में नजर आए और न ही किसी बड़े कार्यक्रम में दिखाई दिए।

रतिया में 12 चुनावों में 5 बार इनेलो जीती

बता दें कि रतिया विधानसभा सीट लंबे समय तक इनेलो का गढ़ रही है। साल 1977 से लेकर 2024 तक हुए 12 चुनावों में से पांच बार इनेलो व लोकदल जीती है। एक बार जनता पार्टी ने भी यहां पर जीत पाई थी। दो बार हविपा (हरियाणा विकास पार्टी) के विधायक बने हैं। भाजपा सिर्फ एक ही बार जीत पाई है। तीन बार कांग्रेस जीती और कांग्रेस से ही जरनैल सिंह दो बार विधायक बने हैं।