• बड़ौली बोले- वह विदेश में, लौटने पर बातचीत होगी
  • खट्‌टर के हस्तक्षेप पर विवाद सुलझाने में जुटे

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा और भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के बीच हुए विवाद को अब पार्टी सुलझाने में जुटी है। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हस्तक्षेप के बाद भाजपा ने फिलहाल कुलदीप बिश्नोई को नोटिस देने का इरादा टाल दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा, “अभी कुलदीप विदेश में हैं। उनके लौटने के बाद पूरे मामले पर बातचीत की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।”

दो दिन पहले सोनीपत पहुंचे मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि रेखा शर्मा का बयान व्यक्तिगत था, पार्टी का उससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कुलदीप बिश्नोई से बातचीत की जा रही है और जल्द ही विवाद सुलझा लिया जाएगा।

बड़ौली ने पहले कहा था- नोटिस जारी होगा

इससे पहले, 3 मई को अंबाला में पत्रकारों से बातचीत में मोहन लाल बड़ौली ने कहा था “चौधरी भजनलाल हरियाणा के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे। यह जरूरी नहीं होता कि जैसा बाप हो बेटा भी वैसा ही हो। चौधरी भजनलाल के बारे में रेखा शर्मा ने कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया। वह चुनावी सभा थी। रेखा शर्मा के शब्दों के चयन में चूक हुई। कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अब इस बात को बढ़ाने का काम किया है। उनको नोटिस जारी किया जाएगा।

अब जानिए कुलदीप बिश्नोई ने क्या कहा था…

औकात से ज्यादा मिला, पद की गरिमा नहीं रखी

अमेरिका से वीडियो जारी कर कुलदीप ने कहा- रेखा शर्मा का बयान भूल नहीं, उनकी सोच बताती है। इन जैसी नौसिसियों को ये नहीं पता कि इतिहास पढ़ना आसान है, लेकिन रचने के लिए खून पसीना एक करना पड़ता है। जिसे औकात से ज्यादा मिल जाए तो बहुत कम लोग उसे पचा पाते हैं। रेखा का भी यही हाल है। राज्यसभा के पद की गरिमा तो रख लेते।

बड़ौली को भाजपा ने पद थोपा या बनाया

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने भी ऐसी ही बात कही। मैं इसकी निंदा करता हूं। एक ऐसा व्यक्ति जिसकी कुछ औकात नहीं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बैठे हो, भाजपा ने आपको थोपा या बनाया। चौधरी भजनलाल जैसे सम्मानित व्यक्ति के पीछे जी लगाना जरूरी नहीं समझा।

दो बार सरकार बनाने में मेरा योगदान

कुलदीप ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा सरकार बनी, तो वह कुलदीप की वजह से। तीन में से दो बार सरकार बनाने में मेरा योगदान है। पहले भाजपा को कोई नहीं जानता था। मेरे गठबंधन की वजह से सरकार बनी। अगर ऐसा ही घमंड रहा, तो चौथी बार सरकार नहीं बनेगी। मुझे मजबूर मत कीजिए कि मैं आपको अर्श से फर्श पर लेकर आ जाऊं।

मैं पुराना बब्बर शेर हूं, हाथ नहीं लगा पाओगे

उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का एक अनुशासित सिपाही हूं, इसलिए पार्टी को चुनौती देता हूं कि रेखा शर्मा से माफी मंगवाएं और मोहन लाल बड़ौली को कहे कि चौधरी भजनलाल का नाम सम्मान से लें। नहीं तो ये मामला यहां तक सिमित नहीं रहेगा। मैं वही पुराना बब्बर शेर हूं। आप उसके नजदीक जरूर जा सकते हैं, लेकिन हाथ लगाने की हिम्मत नहीं है।

रेखा शर्मा ने पंचकूला में दिया था बयान

24 अप्रैल को पंचकूला में भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल ने नामांकन दाखिल किया था। इससे पहले सेक्टर-5 में जनसभा रखी गई थी। यहीं सांसद रेखा शर्मा ने विवादित बयान दिया। उस समय मंच पर मुख्यमंत्री नायब सैनी, नायब सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर, भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा नेता बंतो कटारिया समेत अन्य नेता मौजूद थे।

रेखा शर्मा ने मंच से कहा, “आपसे एक निवेदन है कि आप खुद तो वोट डालें ही, अपने आसपास के लोगों से भी इतने वोट डलवाएं कि पंचकूला में हिस्ट्री बन जाए और श्यामलाल बंसल से ज्यादा वोट किसी को न मिलें। श्यामलाल बंसल ने वो समय भी देखा है, जब यहां पर कांग्रेस की बदमाशी थी। जब यहां बदमाशी थी भजनलाल की और चंद्रमोहन की। पूरी तरह बदमाशी करके ये इलेक्शन जीते थे।” भजनलाल का नाम लेने से पहले रेखा बंसीलाल भी बोल रही थीं, लेकिन वह बीच में ही रुक गईं।