• प्रतिनिधियों को घुसपैठिया कहना अपमान

हरियाणा में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के एक बयान को लेकर बवाल मचा हुआ है। राहुल के इस बयान को लेकर ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘हम अपनी विधानसभा में राहुल गांधी के इस ब्यान के विरूद्ध प्रस्ताव लाएंगें, क्योंकि राहुल गांधी ने चुने हुए सदस्यों व विधानसभा का अपना किया है।

विज ने कहा कि ‘राहुल गांधी द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को चोर प्रतिनिधि कह देना या घुसपैठिया कह देना, अपमान है और अवमानना है। विज ने ये प्रतिक्रिया चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों के द्वारा राहुल गांधी द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को चोर प्रतिनिधि व घुसपैठिया कह देने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब के दौरान दी है।

राहुल गांधी खो चुके अपना होश

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके है और अपना होश भी खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में नियमपूर्वक चुनाव होते हैं और चुनाव आयोग चुनाव कराता है तथा चुने हुए प्रतिनिधियों को चोर प्रतिनिधि कह देना या घुसपैठिया कह देना, एक प्रकार से अपमान है और अवमानना है।

राहुल गांधी के बयान के 2 बड़े प्वाइंट…

1. वोट चोरी का मुद्दा उठाया

पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के आए परिणाम के बाद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा है कि वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं – क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें।

2. हरियाणा की सरकार को घुसपैठिया बताया

और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है। जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं – वो खुद “रिमोट कंट्रोल्ड” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।

ममता बैनर्जी एक अडंगेबाज महिला- विज

पश्चिम बंगाल में ममता बैनर्जी द्वारा मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा न देने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि पूरा देश जानता है कि ममता बैनर्जी एक अडंगेबाज महिला है और वह हर मामले में कोई न कोई अडंगा डालकर रखती है, क्योंकि जब वह शासन करती थी, तब भी वह अंडगे करती आई है।

विज ने प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि ममता बैनर्जी के इस्तीफा न देने के कहने से क्या मतलब है, क्योंकि यहां पर राजशाही नहीं है, यहां लोकतंत्र है। संविधान बनाने वाले लोगों को पता था कि इस प्रकार के मुख्यमंत्री भी आ सकते हैं, तो उन्होंने संविधान में इस बात का प्रावधान रखा है।