• आयोजकों को पटियाला जाना पड़ा

राजपुरा में CM सैनी का कार्यक्रम रोकने की कोशिश बोले-पंजाब सरकार परमिशन नहीं दे रही थी; पंजाब में करेंगे हरियाणा की सभी योजनाएं लागू हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंजाब के राजपुरा में सैनी समाज के सम्मले में शामिल हुए। हरियाण के मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि सरकार ने प्रशासन के जरिए उनका कार्यक्रम रोकने की कोशिश की।

सैनी ने कहा कि प्रशासन कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दे रहा था, लेकिन सैनी समाज के कर्मठ कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इजाजत ली और आज कार्यक्रम हो गया। दो दिन पहले तक इजाजत को लेकर असमंजस बना हुआ था।
उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। पिछले दो दिनों से उनके कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी कहा था कि इस तरह की कोशिशें ठीक नहीं हैं। इससे पहले सुनाम शहीद ऊधम सिंह के कार्यक्रम में भी ऐसी स्थिति बनी थी।

कार्यक्रम की शुरुआत में राजपुरा के सैनी समाज के नेता जसविंदर जैलदार शाम ने कहा कि भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम के लिए कल शाम 7 बजे अनुमति नहीं दी गई थी। बाद में परमिशन के लिए पटियाला तक जाना पड़ा।

राजपुरा में सीएम सैनी के भाषण की अहम बातें…

हरियाणा की योजनाएं करेंगे लागू

सीएम सैनी ने कहा कि अकेले राजपुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75 करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत की है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार बुजुर्गों को 1500 रुपये की पेंशन भी नहीं दे पा रही है, जबकि हरियाणा में अविवाहित लोगों को भी पेंशन दी जा रही है। सैनी ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार की जो योजनाएं चल रही हैं उन्हें पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर लागू किया जाएगा।

कानून व्यवस्था बेहाल

सीएम सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी भारी बहुमत से सत्ता में आई थी, लेकिन आज पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। उद्योगपति उनसे मिलते हैं और कहते हैं कि वे हरियाणा में उद्योग लगाना चाहते हैं।

पंजाब के उद्याेगों को देंगे संरक्षण

उन्होंने दावा किया कि जब पंजाब में उनकी सरकार बनेगी तो कोई भी उद्योग राज्य से बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकेले राजपुरा में 7500 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे 64,000 से अधिक रोजगार पैदा होने की बात कही गई है।

हरियाणा में डेढ़ साल में दी 50 हजार नौकरियां

आम आदमी पार्टी ने बड़े वादे किए थे, जैसे रोजगार देना और नशा खत्म करना, लेकिन ये वादे पूरे नहीं हुए। युवाओं को रोजगार नहीं मिला और वे नशे की समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि साढ़े चार साल में 75 हजार नौकरियां दी गई हैं, जबकि उनकी सरकार ने डेढ़ साल में 50 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी है।

42.5 लाख बुजुर्गों को दे रहे पेंशन

सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार 42.5 लाख बुजुर्गों के खातों में पेंशन भेज रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि बुजुर्गों को 1500 रुपये कैसे मिलते हैं और यह सब लोग जानते हैं। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में बाढ़ आई थी तो किसानों को 20 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया था। वहीं गुजरात में अरविंद केजरीवाल ने अलग-अलग दावे किए थे, जबकि उनकी सरकार ने किसानों को 50 हजार रुपये देने की बात कही।

कट्‌टर इमानदारों की हकीकत सबके सामने

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी खुद को “कट्टर ईमानदार” कहती है, लेकिन एक टावर से नोटों का बैग फेंके जाने जैसी घटनाएं सामने आईं। कुछ विधायकों के ऑडियो-वीडियो भी चर्चा में रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल मूल रूप से हरियाणा के हैं, लेकिन यमुना के पानी को लेकर उन्होंने झूठा आरोप लगाया कि उसमें जहर मिलाया गया है, जबकि उन्हें खुद यमुना का पानी पीकर देखना पड़ा।

नारा नहीं, नीति और नियत में सामाजिक न्याय

केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय केवल चुनाव का नारा बनकर नहीं रहा है, बल्कि इसे सरकार की नीति और नियत दोनों में ईमानदारी से लागू किया गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में ही ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया, जो कि एक ऐतिहासिक और युगांतकारी कदम है।

वोट बैंक नहीं, ओबीसी को दिया नेतृत्व

उन्होंने विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए कहा कि हमारी पार्टी ने ओबीसी समाज को कभी सिर्फ वोट बैंक नहीं माना, बल्कि नेतृत्व सौंपकर उन्हें असल मायने में सशक्त बनाया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि पंजाब से ओबीसी समाज के वरिष्ठ नेता सरदार इकबाल सिंह लालपुरा जी को पार्टी के सर्वोच्च नीति निर्धारक संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है।

अन्याय के खिलाफ संगठित होने का आह्वान

पंजाब की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष के लिए जाना जाता है, उसे यहाँ उसके बुनियादी अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। हमें इस व्यवस्था और अन्याय के खिलाफ संगठित होकर अपनी आवाज उठानी होगी।

हरियाणा सरकार का काम, पत्थर की लकीर

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हरियाणा में हमारी सरकार का एक ही नियम है कि जो वादा किया, उसे पत्थर की लकीर मानकर पूरा किया। उन्होंने समाज को आश्वस्त किया कि समाज के कल्याण, आपके अधिकारों की रक्षा और नीतिगत रूप से या व्यक्तिगत रूप से जो भी बन पड़ेगा, उसे करने में वे कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।