- यहां पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाई, जानिए 5 बड़े कारण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जींद की रैली में मुर्रा भैंस, दूध-घी, बूरे और घेवर का जिक्र कर प्रदेश की एग्रीकल्चर बेल्ट का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ के जरिए खिलाड़ियों की नब्ज टटोली। रेलवे नेटवर्क के बिजलीकरण के बहाने कांग्रेस पर खून निशाना साधा।
जींद को प्रदेश की जाट बेल्ट की धुरी के साथ पॉलिटिक्स का भी केंद्र माना जाता है। 2 साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां की चार सीटें जीती थीं। अब 3 साल बाद होने वाले 2029 के विधानसभा चुनाव के लिए भी भाजपा एक्टिव दिख रही है। जींद भूभाग के हिसाब से प्रदेश के बीच में स्थित है, इसकी सीमाएं रोहतक, हिसार, भिवानी और सोनीपत जैसे प्रमुख पॉलिटिकल केंद्रों से जुड़ी हैं।
पीएम मोदी और भाजपा का पूरा फोकस ही जींद रहा। मोदी ने शुक्रवार को जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद रैली में जींद से नाता जोड़ते हुए कहा- मैं यहां कुछ चेहरों को पहले से ही जानता हूं। जींद का देसी बूरा, यहां के घेवर से पुरानी यादें जुड़ी हैं। यहां घी और घेवर तो वही हैं, लेकिन तेवर बदले हैं।
इसके साथ ही मोदी ने स्पोर्ट्स सेक्टर का भी जिक्र किया। 2036 में ओलिंपिक की मेजबानी की भी चर्चा की। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जींद (जुलाना) से एकमात्र कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट भी इसी फील्ड से आती है।
प्रदेश के पॉलिटिकल केंद्र जींद पर रहा फोकस
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पूरे भाषण में जींद को सेंटर में रखा। उन्होंने कहा- जींद और पूरे हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज इसी धरती से देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। भारत की पहली ट्रेन बॉम्बे (मुंबई) से ठाणे के बीच चली थी।
इसी तरह भविष्य में जब भी देश में हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत का जिक्र होगा, तब जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी गर्व के साथ लिया जाएगा। जींद में आज पांच नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी है। यहां के किसान बड़ी मंडियों में फसल आसानी से ले जा पाएंगे। यहां के उद्योगों को फायदा होगा। हाईट्रोजन ट्रेन से संबंधित फैक्ट्रियां यहां लगेंगी, इससे यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा।
कॉमनवेल्थ की मेजबानी का जिक्र, खिलाड़ियों को साधा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जींद से पूरे हरियाणा के खिलाड़ियों को भी संदेश दिया। जींद की जुलाना सीट से ही ओंलिपियन विनेश फोगाट विधायक हैं। यहीं से मोदी ने खिलाड़ियों को मोटिवेट करते हुए कहा कि भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा।
भारत न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री पर काम करेगा। भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भी प्रयास कर रहा है। सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देगी। इसलिए खिलाड़ी अभी से तैयारी में जुट जाएं।
जींद रियासत के जरिए पंजाब को साधा
जींद रियासत की स्थापना 1772 में महाराजा गजपत सिंह ने की थी। गजपत सिंह, सिख सरदार चौधरी फूल सिंह (फूलकियां वंश के संस्थापक) के वंशज थे। उस समय जींद रियासत हरियाणा और पंजाब के संगरूर तक फैली थी। महाराजा गजपत सिंह की बेटी बीबी कौर का विवाह सिख योद्धा सरदार महान सिंह के साथ हुआ था।
सिख योद्धा महाराजा रणजीत सिंह बीबी कौर और सरदार महान सिंह की संतान थे। जींद को इस रियासत की राजधानी बनाया गया था। 1827 में संगरूर को रियासत की प्रशासनिक राजधानी बनाया गया। वर्तमान में संगरूर पंजाब का एक प्रमुख राजनीतिक और कृषि केंद्र है।
जींद रियासत के समय से ही यह पूरा क्षेत्र मालवा बेल्ट का हिस्सा रहा है। पंजाब की वर्तमान राजनीति में मालवा क्षेत्र सबसे ज्यादा सीटें 69 विधानसभा सीटें आती है। 1948 में जींद रियासत का भारतीय संघ में विलय हो गया था।
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को कैसे घेरा
रैली में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने देश को विकास के मामले में पीछे कर दिया है। 2014 से पहले होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध जैसी स्थिति होती तो देश के रेलवे नेटवर्क गंभीर संकट में आ जाता था। क्योंकि उस समय रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल इंजन पर निर्भर था।
पीएम ने कहा, भारत में रेलवे के बिजलीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी। 1925 से लेकर 2014 तक करीब 90 वर्षों में देश के रेल नेटवर्क का केवल 30 प्रतिशत ही बिजली से जुड़ पाया था, जबकि 70 प्रतिशत हिस्सा डीजल इंजनों पर निर्भर था।
पीएम मोदी ने आगे कहा- अगर उसी रफ्तार से काम चलता रहता, तो पूरे रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत बिजलीकरण होने में करीब 200 वर्ष और लग जाते। लेकिन पिछले 12 वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब देश का करीब 99 प्रतिशत रेल नेटवर्क बिजली से जुड़ा है।
