- इससे 99 फीसदी ईमानदार गरीबों को नुकसान
देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक फीसदी लोग पेपर लीक का रास्ता अपनाते हैं, लेकिन इसकी कीमत 99 फीसदी ईमानदार और गरीब युवाओं को चुकानी पड़ती है। राहुल ने कहा कि मीडिया शादी और चीते की बात करेगी, लेकिन पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी।
राहुल गांधी ने कहा कि देश का मौजूदा टेस्टिंग सिस्टम पुराना हो चुका है और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनाने की जरूरत बताई, ताकि मेहनत करने वाले युवाओं को न्याय मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों और अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने पेपर लीक, सरकारी नौकरियों, महंगी शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए। नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया कुमारी थापा के पिता ने भी मंच से अपनी बेटी की पीड़ा साझा की, जिस पर राहुल गांधी ने उन्हें ढाढ़स बंधाया। कार्यक्रम में करीब 8 से 10 हजार छात्र-युवा मौजूद रहे।
कार्यक्रम में दिखाया गया ‘पेपर का रेट’ कार्ड
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मंच से पेपर लीक के कथित नेटवर्क पर निशाना साधते हुए एक ‘पेपर का रेट’ कार्ड दिखाया गया। इसमें विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक की कथित कीमतें दर्शाई गईं। कार्ड के मुताबिक NEET 2026 का रेट 40 लाख रुपये, IIT-JEE 2021 का 15 लाख रुपये, उत्तराखंड पटवारी भर्ती 2025 का 15 लाख रुपये, बिहार शिक्षक भर्ती 2024 का 10 लाख रुपये और ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 का 25 लाख रुपये बताया गया। राहुल गांधी ने इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का प्रतीक बताते हुए भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
राहुल बोले- टेस्टिंग सिस्टम पुराना हो चुका, टेक्नोलॉजी से खत्म हो सकता है पेपर लीक
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि सबसे पहले परीक्षा प्रणाली में बदलाव की जरूरत है, क्योंकि मौजूदा टेस्टिंग सिस्टम पुराना हो चुका है। उन्होंने कहा कि सिस्टम में अधिक लचीलापन होना चाहिए और एक ही परीक्षा हॉल में छात्रों को अलग-अलग रैंडम प्रश्नपत्र दिए जा सकते हैं। राहुल ने कहा कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से पेपर लीक जैसी समस्याओं को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है।
