• समर्थकों का पलटवार-बौखला गए बुड़िया, पनिहार को मनाने हरियाणा CM पहुंचे

बिश्नोई समाज की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुड़िया ने भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया। राजस्थान के बीकानेर में मीडिया से बातचीत के दौरान देवेंद्र बुड़िया ने दावा किया कि कुलदीप बिश्नोई को समाज में किसी भी कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए और ना ही वे आएंगे।

उन्होंने यहां तक कह दिया कि कुलदीप जी को तो वैसे ही समाज ने पूरी तरह से बायकॉट (बहिष्कार) किया हुआ है। वे किसी सामाजिक कार्यक्रम में भी शामिल नहीं होते हैं। जैसे ही बुड़िया का ये बयान सामने आया, वैसे ही कुलदीप बिश्नोई खेमे ने भी कड़ा पलटवार किया।

कुलदीप बिश्नोई के समर्थक व बिश्नोई सभा हिसार के उपाध्यक्ष सुभाष देहड़ू ने बुड़िया के आरोपों को सिरे से खारिज किया। कहा कि जोधपुर में कुलदीप बिश्नोई जी के कार्यक्रमों को मिली अभूतपूर्व सफलता और अपार जनसमर्थन को देखकर देवेंद्र बुड़िया पूरी तरह से बौखला गए हैं और लगातार उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं।

 

कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बुड़िया के बीच पुराना विवाद

दरअसल, अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व संरक्षक कुलदीप बिश्नोई और मौजूदा प्रधान देवेंद्र बुड़िया के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। कुलदीप बिश्नोई पर करीब एक साल पहले बुड़िया ने जबरन इस्तीफा लेने के आरोप लगाए थे।

इसको लेकर मुकाम धाम में बैठक की गई थी। इसमें बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटाने की सिफारिश की थी। इसके करीब एक महीने बाद कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में बिश्नोई महासभा के 14 पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार सोसाइटी को एफिडेविट लिखकर कहा था कि मुकाम में बैठक में उनको शामिल नहीं किया।

ऐसे में प्रधान ने संरक्षक को हटाया है, वह नियमानुसार नहीं है। इसके बाद रजिस्ट्रार सोसाइटी की ओर से देवेंद्र बुड़िया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने खुद संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा कर दी थी।

 

बिश्नोई समाज के कार्यक्रम में हिसार में नदारद रहे थे कुलदीप

बता दें कि कुलदीप बिश्नोई से जुड़ा यह विवाद केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) में 12 जुलाई को हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम में भी कुलदीप नहीं पहुंचे थे। हालांकि, वह मां अमृतादेवी के चौक अनावरण में आए और बाहर से ही चले गए थे।

इस कार्यक्रम में कुलदीप के करीबी विधायक रणधीर पनिहार को भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। दरअसल, मंच पर सम्मान समारोह के दौरान कुलपति ने सभी मंत्रियों और विधायकों का सम्मान किया, लेकिन पनिहार का नाम छूट गया था। बाद में जब मंच से घोषणा हुई और कुलपति उन्हें पटका पहनाने दौड़े थे।

बाद में कुलदीप ने सफाई दी थी, कहा-CM 3 घंटे लेट थे

हिसार में CM नायब सैनी के कार्यक्रम में पोस्टर से फोटो गायब होने पर कुलदीप बिश्नोई ने राजस्थान के जोधपुर दौरे के दौरान अपना पक्ष रखा था। राजस्थान के जोधपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा- CM उस दिन प्रोग्राम में 3 घंटे लेट थे। मुझे जरूरी काम से दिल्ली जाना था। मैंने मुख्यमंत्री से माफी मांग ली थी।

12 जुलाई को गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में नर्सिंग ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल की नई बिल्डिंग की आधारशिला रखी गई थी। इस कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी के साथ कुलदीप बिश्नोई की कुर्सी भी मंच पर लगाई गई थी।

 

CM सैनी पनिहार को मनाने उनके घर पहुंचे

वहीं, अब रणधीर पनिहार की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी तुरंत चंडीगढ़ स्थित विधायक पनिहार के सरकारी आवास पर पहुंचे और बंद कमरे में लंबी मंत्रणा की। इससे पहले हिसार में अमित शाह के कार्यक्रम में पनिहार के अपमान पर सीएम उन्हें खुद अपने सरकारी हेलीकॉप्टर में चंडीगढ़ ले गए थे।

वहीं, नाराज चल रहे कुलदीप बिश्नोई को मनाने के लिए खुद मुख्यमंत्री दो बार दिल्ली स्थित उनके आवास पर जा चुके हैं।