- छात्र आंदोलन और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरा
पेपर लीक मामलों में सिर्फ फास्ट ट्रैक कोर्ट या मौजूदा सजा पर्याप्त नहीं है। जब तक पेपर लीक को नकली नोट छापने जैसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखकर उम्रकैद जैसी सख्त सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक इस पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल है। जननायक जनता पार्टी (जजपा) के राष्ट्रीय नेता एवं हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इंद्री में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पेपर लीक, छात्र आंदोलन, भ्रष्टाचार और भाजपा सरकार की कार्यशैली को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का भी आह्वान किया।
संगठन ही सबसे बड़ी ताकत: दुष्यंत चौटाला
इंद्री के एक निजी पैलेस में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट), विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क बढ़ाने, बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने और जजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और लगन ही भविष्य में पार्टी को प्रदेश में मजबूत राजनीतिक ताकत बनाएगी।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश और केंद्र, दोनों स्तरों पर भाजपा सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार संवेदनशीलता दिखाने में नाकाम रही है, जिससे लोगों का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा दिखाई नहीं देता।
छात्र आंदोलन और लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छात्र नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। अपनी मांग रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। अगर सरकार समय रहते छात्रों की समस्याओं का समाधान कर देती, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी घेरा
दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोटक महिंद्रा बैंक सहित कई वित्तीय मामलों में करोड़ों रुपये के गबन के आरोप सामने आए हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
पेपर लीक पर सख्त कानून की मांग
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जब तक पेपर लीक पर सख्त कानून नहीं बनेगा, तब तक केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका कहना था कि वर्तमान में दो साल की सजा या 10 लाख रुपये का जुर्माना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह नकली नोट छापने जैसे अपराध में उम्रकैद का प्रावधान है, उसी तरह पेपर लीक को भी राष्ट्र और युवाओं के भविष्य के खिलाफ गंभीर अपराध मानते हुए उसके लिए भी कठोर सजा का कानून बनाया जाना चाहिए।
