• करनाल में उपाध्यक्ष बोलीं-समाज में ऐसे शब्दों की जगह नहीं,  BJP सांसद-एक्ट्रेस ने ‘गटर छाप’ कहा था

हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार बुधवार को करनाल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट को नसीहत दी। कहा कि गलत तरीके की कोई भी बात, चाहे महिला कहे या पुरुष, दोनों के लिए ही अनुचित है।

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है और किसी को भी असम्मानजनक शब्दों में संबोधित नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई गलती है तो उस पर भी मर्यादित और सम्मानजनक तरीके से बात होनी चाहिए। ऐसे शब्दों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है।

बता दें कि, कंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी में दिल्ली के जंतर-मंतर में शामिल युवतियों पर सवाल उठाते हुए नई पीढ़ी की महिलाओं पर निशाना साधा। सांसद ने नई जनरेशन की महिलाओं को ‘गटर छाप’ कहा था।

कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा

असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं। ‘ऐसी महिलाएं- नशा और शराब को आजादी मानती हैं। कई पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने को आधुनिकता समझती हैं। ऐसी सोच रखने वाली कुछ महिलाएं, अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।“

जिला जेल और सरकारी अस्पताल का लिया जायजा

इससे पहले मीना परमार ने जिला जेल का निरीक्षण किया और वहां महिला बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना। इसके बाद वे सिविल अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए, हालांकि पिंक ओपीडी की व्यवस्थाओं की सराहना भी की। इस दौरान उन्होंने सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौट के जेन-जी पर दिए बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।

जेल में सुविधाओं और काउंसलिंग पर लिया फीडबैक

मीना परमार ने बताया कि महिला आयोग की टीम ने जिला जेल में महिला बंदियों से बातचीत की और यह जांचा कि उन्हें सरकार व प्रशासन की ओर से मिलने वाली सुविधाएं सही तरीके से मिल रही हैं या नहीं।

साथ ही यह भी देखा गया कि रिहाई के बाद महिलाएं मुख्य धारा में कैसे जुड़ेंगी, उनकी काउंसलिंग और डॉक्टरी सुविधाएं किस प्रकार उपलब्ध कराई जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान जेल की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।

अस्पताल में मरीजों से बातचीत, पिंक ओपीडी की सराहना

सिविल अस्पताल पहुंचने पर सीएमओ व डॉक्टरों ने मीना परमार का स्वागत किया और पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया और मरीजों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।

बातचीत में सामने आया कि मरीज डॉक्टरों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट हैं। उन्होंने पिंक ओपीडी का निरीक्षण कर इसे महिलाओं के लिए उपयोगी और बेहतर सुविधा बताया, जहां महिलाओं से जुड़ी बीमारियों का उपचार किया जाता है।

टॉयलेट सफाई पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान मीना परमार टॉयलेट की सफाई को लेकर नाराज नजर आईं। उन्होंने संबंधित डॉक्टरों व स्टाफ को निर्देश दिए कि टॉयलेट्स की नियमित और बेहतर सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है, इसलिए हर स्तर पर इसे अपनाना जरूरी है।