• बोलीं- अलका लांबा ने क्विज में अपने करीबियों को चुना, बेटियों से नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं करूंगी

रेवाड़ी की रहने वाली कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर दीपिका यादव ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा पर क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभा के बजाय परिचितों को चुनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया।

उन्होंने कहा कि वह बेटियों के साथ नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं करेंगी। वह पहले भी महिलाओं और बेटियों की लड़ाई लड़ती रही हैं और आगे भी लड़ती रहेंगी।

दीपिका यादव रेवाड़ी के गांव टींट की रहने वाली हैं। उनके पति लवली यादव भी कांग्रेस में हैं। दीपिका पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा के दौरान चोट लगने और इसके बाद रेवाड़ी के जिला परिषद चेयरमैन मनोज यादव के एक महिला के साथ फोटो शेयर करने के मामले में सुर्खियों में आई थीं।

  • गुलामी की जिंदगी मैंने नहीं जी: सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दीपिका ने कहा, “15 अगस्त हैप्पी इंडिपेंडेंस डे। इसी के साथ मैं भी अपनी आजादी की नई शुरुआत करने जा रही हूं। सोचा कि देशवासियों को बताऊं। मैं महिला कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से इस्तीफा दे रही हूं। यह गुलामी की जिंदगी न मैंने कभी पहले जी है और न आगे जी सकती हूं।
  • पांच घंटे बेटियों को धूप में खड़ा रखा: आगे कहा कि आप होंगी मैडम राष्ट्रीय अध्यक्ष, लेकिन ये बेटियां हैं। किसी किसान की हैं, किसी गरीब की हैं। ये किसी लालच और पार्टी की नहीं हैं। हो सकता है इन्होंने कांग्रेस को वोट दिया हो या बीजेपी को, लेकिन ये तरीका गलत था। यह कहकर कि चार घंटे राहुल जी आएंगे, सम्मान देंगे और मिलेंगे, पांच घंटे तक बिना पानी के आपने उन बेटियों को धूप में खड़ा रखा। राहुल जी के आने पर अपनी रिश्तेदारी की चार बेटियों को आगे करके हमारी बाकी बेटियों को पीछे कर दिया।
  • ऐसे पद मैं आगे भी 36 बार छोड़ूंगी: दीपिका ने कहा कि अगर मैं झूठ बोल रही हूं तो किसी भी बेटी और उसके पेरेंट्स से पूछ लेना। दीपिका यादव न पहले झूठ बोलती थी और न आज पद के लिए झूठ बोलेगी। आज बिना किसी लालच के यह पद उन बेटियों के लिए छोड़ रही हूं, जिनके साथ नाइंसाफी हुई है। यह कहकर कि आप 79 में से हैं, आपको सेलेक्ट किया गया है, आप आइए। वे 5 हजार रुपए की गाड़ी किराए पर लेकर खुशी-खुशी आईं। उनके साथ दिहाड़ीदार मजदूर जैसा व्यवहार किया गया। यह मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी। ऐसे पद मैं आगे भी 36 बार छोड़ दूंगी।

ऐसे शुरू हुआ पूरा विवाद…

कांग्रेस की महिला क्विज में 79 विजेता चुने गए

कांग्रेस ने देश की आजादी के 79 साल पूरे होने पर महिलाओं के लिए क्विज प्रतियोगिता शुरू की थी। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने वाली 79 महिलाओं को चुना जाना था। इसके लिए देशभर से 5 हजार से अधिक महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था और उनसे ऑनलाइन पेंटिंग मंगवाई गई थी। विजेताओं का चयन करने के लिए ज्यूरी बनाई गई, जिसमें दीपिका यादव भी शामिल थीं।

टॉप-3 के लिए 1 लाख तक की राशि

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाली महिला को 1 लाख रुपए, दूसरे स्थान पर आने वाली को 50 हजार रुपए और तीसरे स्थान पर रहने वाली को 25 हजार रुपए का इनाम दिया जाना था। बाकी 76 महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए जाने थे। देशभर से चुनी गई 79 महिलाओं में हरियाणा की 25 बेटियों ने स्थान बनाया। इनमें रेवाड़ी सेक्टर-4 निवासी 12वीं कक्षा की मेडिकल छात्रा निशा यादव, धारूहेड़ा निवासी सीए की छात्रा काजल और सिरसा की एक छात्रा शामिल थीं। इन तीनों का रजिस्ट्रेशन दीपिका के माध्यम से हुआ था।

3 से 5 हजार रुपए देने की बात पर विवाद

दीपिका का आरोप है कि पहले तीन इनामों के लिए किसी को नहीं चुना गया। पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे दूर के प्रदेशों से आने वाली कम संख्या वाली बेटियों को 10-10 हजार रुपए दे दिए गए, जबकि हरियाणा की बेटियों की संख्या अधिक होने का हवाला देकर उन्हें 3 से 5 हजार रुपए देने की बात कही गई। बाद में चेकबुक खत्म होने का हवाला देकर हरियाणा की प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी से पैसे लेने की बात कही गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष पर सुनवाई न करने का आरोप

दीपिका के मुताबिक, जब पर्ल चौधरी ने इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार किया तो वह दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास गईं। उनका आरोप है कि उनकी बात सुने बिना ही राष्ट्रीय अध्यक्ष गाड़ी में बैठकर चली गईं। जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो पर्ल चौधरी और उनके पति ने उन्हें रोककर बात करने का प्रयास किया।