- मोदी के खिलाफ मुद्दा नहीं मिल रहा
हरियाणा से राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनावों में वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने पर पलटवार किया है। बराला ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद कोई न कोई बहाना लेकर आती है। उनके अनुसार, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा, इसलिए राहुल गांधी वोट चोरी जैसे मुद्दे उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच विकास और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखनी चाहिए। बराला ने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए अनेक योजनाओं पर काम किया है।
उन्होंने दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ कांग्रेस भ्रष्टाचार का कोई मामला सामने नहीं ला पाई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता को गुमराह करने के बजाय मुद्दों की लड़ाई लड़ें।
SIR की प्रक्रिया पर भी रखी अपनी बात
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बराला ने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की जांच और शुद्धीकरण किया जाता है। उनके अनुसार, मृत मतदाताओं, दोहरी प्रविष्टियों और दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके लोगों के नामों की जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाते हैं और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं।
बराला ने सवाल उठाया कि जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत चल रही है, तो इसे वोट चोरी कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है
दीपेंद्र हुड्डा और डीके शिवकुमार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
12 अक्टूबर को दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बराला ने राहुल गांधी के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और उन्हें ट्रक से नीचे उतरने के लिए कहा गया। बराला ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ प्रदर्शन के दौरान हुई घटना का भी उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने शिवकुमार की कमीज पकड़कर उन्हें पीछे खींचा। बराला ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के इस तरह के व्यवहार से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में दूरी बढ़ती है।
उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के साथ उनके पुराने अनुभव भी सामने आ चुके हैं। बराला के अनुसार, पार्टी के भीतर नेताओं के साथ व्यवहार और नेतृत्व की कार्यशैली कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के कारणों में शामिल हैं।
हरियाणा की राजनीति पर भी की टिप्पणी
बराला ने कहा कि हरियाणा में भी लोगों के बीच कांग्रेस के प्रदर्शन और हुड्डा परिवार को लेकर चर्चा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानीय लोगों ने दीपेंद्र हुड्डा और उनके परिवार के साथ राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, यह बराला का राजनीतिक आकलन है। बराला ने दोहराया कि कांग्रेस को वोट चोरी के आरोपों के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखनी चाहिए और सरकार की नीतियों की आलोचना तथ्यों के आधार पर करनी चाहिए।
