• रेवाड़ी में कार्यक्रमों के साथ अब पोस्टर से भी गायब, संगठन भी नहीं साथ

रेवाड़ी में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह समर्थकों की लड़ाई थम नहीं है। इस लड़ाई में राव इंद्रजीत समर्थकों को पार्टी संगठन का भी खुलकर साथ मिलने लगा है। अब तक राव नरबीर सिंह के कार्यक्रमों से दूरी के बाद पोस्टरों में भी स्थान देना बंद कर दिया है।

30 मई को बावल में केंद्रीय कृषि मंत्री के स्वागत की तैयारियों में जारी किए गए पोस्टर में राव इंद्रजीत सिंह के साथ आरती राव को स्थान दिया गया है, परंतु राव नरबीर सिंह को जगह नहीं मिल पाई। रेवाड़ी के गांव रामपुरा की रहने वाली आरती राव महेंद्रगढ़ के अटेली से विधायक और सरकार में मंत्री है।

ऐसे ही रेवाड़ी के बूढ़पुर निवासी राव नरबीर सिंह गुरुग्राम के बादशाहपुर से विधायक और सरकार में मंत्री हैं। 30 जून के कार्यक्रम के जारी किए पोस्टर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री नाय सिंह सैनी, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, आरती मंत्री राव और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फोटो लगाए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री को स्थान नहीं मिला

पार्टी के जिला सचिव दिनेश टींट की तरफ से जारी किए पोस्टर में स्थानीय विधायक डॉ. कृष्ण कुमार के साथ जिला अध्यक्ष वंदना पोपली और पार्टी के चुनाव चिन्ह को भी स्थान मिला है। रेवाड़ी के ही रहने वाले कैबिनेट मंत्री को स्थान नहीं मिला। पिछले 3 दिन में ऐसा यह तीसरा मामला सामने आया है।

जानिए कब-कब क्या हुआ

28 जून को कोसली विधानसभा गुडियानी गांव में संत कबीर जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कोसली के विधायक अनिल यादव नहीं पहुंचे। हालांकि पूर्व मंत्री विक्रम सिंह ने राव नरबीर सिंह के साथ मंच साझा किया। 2019 के चुनाव से पहले राव इंद्रजीत सिंह समर्थक रहे विक्रम सिंह टिकट नहीं मिलने के कारण बाद में राव नरबीर सिंह के साथ चले गए थे।

26 जून को बूढ़पुर में राव मोहर सिंह बायोडायबर्सिटी पार्क का शिलान्यास और लाखनौर मंदिर में मूर्ति स्थापना कार्यक्रम था। दोनों गांव रेवाड़ी विधानसभा का हिस्सा हैं। पार्क का निर्माण वन विभाग द्वारा किया जा रहा है। जिसमें डीसी से लेकर चंडीगढ़ के तक अफसर पहुंचे हुए थे। इससे विधायक लक्ष्मण सिंह यादव व जिला प्रधान वंदना पोपली के साथ संगठन पदाधिकारी और सरकारी पदों पर बैठे कार्यकर्ता नजर नहीं आए।

एक साथ किया कदमताल

27 जून को महिला आयोग की उपप्रधान मीना परमार क्षत्रिय महासभा के कार्यक्रम में रेवाड़ी पहुंची। जिला प्रधान वंदना पोपली अपनी टीम के साथ रेवाड़ी प्रवास के दौरान महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर तक उनके साथ कदम ताल करती नजर आई।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 2 मई को रेवाड़ी में निकाय चुनाव के प्रचार के लिए आए थे। इसी दिन राव नरबीर सिंह मुख्यमंत्री को रामगढ़-भगवानपुर में 320 दिन से चल रहे धरना स्थल पर लेकर पहुंचे और धरना खत्म करवा दिया। ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर गांव में मेडिकल कॉलेज बनवाने के अपने वादे से मुकरने के आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया था।

विधायक और जिलाध्यक्ष को मिला मौका

2 मई को सीएम रामपुरा हाउस में लंच के लिए गए। इससे पहले सीएम के साथ चले राव नरबीर सिंह रामपुरा हाउस नहीं पहुंचे। जिस कारण सैनी स्कूल में चुनावी सभा के मंच पर सीएम से पहले पहुंच गए। मंच संचालक कर रहे महामंत्री ने सीएम के पहुंचने से पहले ही उनका संबोधन करवा दिया, जबकि राव इंद्रजीत सिंह के अलावा विधायक और जिलाध्यक्ष को सीएम के सामने बोलने का मौका मिला।

इससे कुछ दिन पहले राव नरबीर सिंह अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। जिसके लिए विधायक को भी न्यौता दिया था। कार्यक्रम से भी विधायक और भाजपा का पूरा संगठन नदारद नजर आया था।

राव नरबीर फिर बोले…

कोसली के गुडियानी में भी बूढपुर की तरह राव नरबीर सिंह से विधायक की गैरमौजूदगी पर सवाल पूछा गया। जिस पर सीधा जवाब देते हुए कहा कि जो आए उसका स्वागत और जो ना आए उसका भी स्वागत। टिकट नहीं मिलने से बागी हुए विक्रम सिंह के सवाल पर कहा कि पहले भी पार्टी थे और अब भी पार्टी हैं।